{"_id":"69b06e5f9550d0200302998d","slug":"a-case-of-culpable-homicide-not-amounting-to-murder-has-been-registered-against-the-driver-of-the-rayansari-school-bus-accident-una-news-c-93-1-ssml1048-184314-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: रायंसरी स्कूल बस हादसे में चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: रायंसरी स्कूल बस हादसे में चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
Wed, 11 Mar 2026 12:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
ऊना। जिले के रायंसरी गांव में सोमवार को स्कूल बस (टेंपो ट्रैवलर) हादसे में तीन साल की बच्ची की मौत मामले पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। मामले में आरोपी चालक बलराम सिंह निवासी घालूवाल तहसील हरोली जिला ऊना के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। उधर मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी मानकों को दरकिनार करने के आरोप में जांच शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार रक्कड़ कॉलोनी स्थित माऊंट कार्मल स्कूल में सोमवार को पहले दिन गई आश्वी (3) जब दोपहर को घर लौट रही थी। इस दौरान जिस टेंपो टैवलर में सवार होकर वह घर से करीब 100 मीटर दूर उतरी, उसी के चालक से बच्ची को कुचल दिया। बताया जा रहा कि चालक ने पहले आश्वी और उसकी बहन पृशा (5) को उतारा और फिर वाहन मोड़ दिया। इस दौरान दोनों बच्चियां गांव के रास्ते को पार कर रही थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए कंडक्टर साइड का टायर उन पर चढ़ा दिया। हादसे में आश्वी से सिर, सीने और गर्दन में गहरी चोटें आई और उसकी बड़ी बहन भी घायल हो गई। आश्वी की पीजीआई ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई और उसकी बहन का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है
-- -
गमगीन माहौल में दी बच्ची को अंतिम विदाई
मंगलवार को गांव रायंसरी में आश्वी को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उपायुक्त ऊना जतिन लाल भी मौजूद रहे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं बच्ची के पिता सुशील कुमार और मां यही बोलते नजर आए कि मेरी बच्ची का क्या कसूर था। इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
विज्ञापन
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि मामले में पुलिस, आरटीओ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हर पहलू खंगालने के लिए निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल और वाहन मालिक के बीच क्या करार हुआ, इसकी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा क्या जिस वाहन से हादसा हुआ, उसके दस्तावेज पूरे थे और उसमें बच्चे कहां के बिठाए गए, इसकी जांच भी जारी है। मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ध्यान रहे कि जिस वाहन से बच्चियां हादसे का शिकार हुई, उसमें झलेड़ा से बच्चे बिठाए जाते थे। वहीं जिस बस से बच्चे स्कूल से लाए गए, वह बच्चों को झलेड़ा में उतारकर अन्य रूट पर चली गई। सूत्रों की मानें तो यह प्रतिदिन की प्रक्रिया थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार रक्कड़ कॉलोनी स्थित माऊंट कार्मल स्कूल में सोमवार को पहले दिन गई आश्वी (3) जब दोपहर को घर लौट रही थी। इस दौरान जिस टेंपो टैवलर में सवार होकर वह घर से करीब 100 मीटर दूर उतरी, उसी के चालक से बच्ची को कुचल दिया। बताया जा रहा कि चालक ने पहले आश्वी और उसकी बहन पृशा (5) को उतारा और फिर वाहन मोड़ दिया। इस दौरान दोनों बच्चियां गांव के रास्ते को पार कर रही थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए कंडक्टर साइड का टायर उन पर चढ़ा दिया। हादसे में आश्वी से सिर, सीने और गर्दन में गहरी चोटें आई और उसकी बड़ी बहन भी घायल हो गई। आश्वी की पीजीआई ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई और उसकी बहन का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है
विज्ञापन
गमगीन माहौल में दी बच्ची को अंतिम विदाई
मंगलवार को गांव रायंसरी में आश्वी को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उपायुक्त ऊना जतिन लाल भी मौजूद रहे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं बच्ची के पिता सुशील कुमार और मां यही बोलते नजर आए कि मेरी बच्ची का क्या कसूर था। इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
विज्ञापन
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि मामले में पुलिस, आरटीओ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हर पहलू खंगालने के लिए निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल और वाहन मालिक के बीच क्या करार हुआ, इसकी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा क्या जिस वाहन से हादसा हुआ, उसके दस्तावेज पूरे थे और उसमें बच्चे कहां के बिठाए गए, इसकी जांच भी जारी है। मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ध्यान रहे कि जिस वाहन से बच्चियां हादसे का शिकार हुई, उसमें झलेड़ा से बच्चे बिठाए जाते थे। वहीं जिस बस से बच्चे स्कूल से लाए गए, वह बच्चों को झलेड़ा में उतारकर अन्य रूट पर चली गई। सूत्रों की मानें तो यह प्रतिदिन की प्रक्रिया थी।