{"_id":"69ed09dc7c36e205b90c9034","slug":"a-62-year-old-devotee-reached-the-maa-chintpurni-darbar-carrying-a-lamp-on-his-knees-una-news-c-93-1-ssml1048-189421-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: घुटनों के बल जोत लेकर मां चिंतपूर्णी दरबार पहुंचे 62 वर्षीय श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: घुटनों के बल जोत लेकर मां चिंतपूर्णी दरबार पहुंचे 62 वर्षीय श्रद्धालु
Sun, 26 Apr 2026 07:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 26 Apr 2026 07:58 AM IST
विज्ञापन
भरवाईं (ऊना)। तपती गर्मी और कठिन हालात के बीच अटूट आस्था का एक भावुक दृश्य शनिवार को सामने आया, जिसने हर किसी को भाव-विभोर कर दिया। करीब 10 बजे 62 वर्षीय श्रद्धालु सुधीर दत्त निवासी लुधियाना, माता चिंतपूर्णी के दरबार में घुटनों के बल चल कर पहुंचे। उनके हाथों में माता रानी की पवित्र जोत थीं और चेहरे पर अटूट विश्वास झलक रहा था।
तेज धूप, तपती सड़क और 40 डिग्री के आसपास पहुंच चुके तापमान के बावजूद श्रद्धालु की भक्ति में कोई कमी नजर नहीं आई। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने जिस दृढ़ संकल्प और श्रद्धा का परिचय दिया, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
इस दौरान उनके परिजन भी उनके साथ रहे, जो पूरे रास्ते उनका सहारा बनते और हौसला बढ़ाते नजर आए। वहीं कई लोगों ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु को नमन किया। सुधीर दत्त ने बताया कि माता चिंतपूर्णी के प्रति उनकी गहरी आस्था है और वह लंबे समय से इस संकल्प को पूरा करने की इच्छा रखते थे। उन्होंने कहा कि माता रानी की कृपा से ही उन्हें यह शक्ति मिली है, जिससे वह इस कठिन यात्रा को पूरा कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेज धूप, तपती सड़क और 40 डिग्री के आसपास पहुंच चुके तापमान के बावजूद श्रद्धालु की भक्ति में कोई कमी नजर नहीं आई। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने जिस दृढ़ संकल्प और श्रद्धा का परिचय दिया, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
विज्ञापन
इस दौरान उनके परिजन भी उनके साथ रहे, जो पूरे रास्ते उनका सहारा बनते और हौसला बढ़ाते नजर आए। वहीं कई लोगों ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु को नमन किया। सुधीर दत्त ने बताया कि माता चिंतपूर्णी के प्रति उनकी गहरी आस्था है और वह लंबे समय से इस संकल्प को पूरा करने की इच्छा रखते थे। उन्होंने कहा कि माता रानी की कृपा से ही उन्हें यह शक्ति मिली है, जिससे वह इस कठिन यात्रा को पूरा कर पा रहे हैं।
विज्ञापन