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डैडी मुझे यहां से जल्दी निकालो!
Una
Updated Sun, 22 Jun 2014 05:32 AM IST
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ऊना। चारों ओर धमाकों की गूंज। गोलियाें की बौछार और कान के पर्दे फोड़ने वाला कोलाहल। चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनकर बस एक खौफ का अहसास हो रहा है। जहां तहां बिखरा रक्त भयानक रक्तपात की कहानी बयां कर रहा है। इराक के कर्बला, मोसुल समेत अन्य कई इलाकों में फंसे लोग परिजनों को फोन करके बस अपने सुरक्षित होने की बात कह रहे हैं। बस चार पांच मिनट बात होने के बाद जैसे ही कोई कानफोड़ू आवाज गूंजती है तो फोन कट रहा है। बस अंतिम शब्द यही सुने जा रहे हैं कि बाद में फोन करता हूं। इधर, परिजनों की चिंताएं बढ़ रही हैं। सुदूर परदेस में बैठे लोग अपने परिजनों को फोन कर रहे हैं। भडोलियां कलां के इलैक्ट्रानिक इंजीनियर सन्नी सिंह ने भी जब परिजनों से बात की तो भयानक रक्तपात का आंखों देखा हाल बयां किया। सन्नी के पिता महेंद्र कहते हैं कि करीब चार मिनट तक बात करने के बाद धमाके की आवाज सुनी। सन्नी ने इतना कहा कि बाद में फोन करता हूं। इसके बाद फोन कट गया। हम संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन दो दिन से कोई बात नहीं हो पा रही है। सन्नी ने कर्बला से फोन पर कहा था कि डैडी मुझे यहां से निकालो। बताया कि यहां खुलेआम हथियारों से लैस लोग घूम रहे हैं और गोलियां भी चला रहे हैं। सन्नी इराक में डा. एमअल मरहबी कंपनी में तैनात है। उसने बताया कि उनके पासपोर्ट भी कंपनी के पास हैं।
पंजावर निवासी दीपक राणा के पिता गुरवचन सिंह ने कहा कि दीपक का फोन आया था। फिलहाल दीपक ने सुरक्षित होने की बात कही थी। गुरवचन ने कहा कि इराक में ऐसे हालात के बीच फंसे बेटे के बारे में सोचकर वे सो तक नहीं पा रहे हैं। बढेड़ा निवासी दारा सिंह के भाई संजीव ने कहा कि दारा ने फोन पर कहा कि यहां हालात ठीक नहीं हैं। फिलहाल अपने सुरक्षित होने की बात कही। यह भी कहा कि अब मैं फोन नहीं कर पाऊंगा। अन्य कई लोगों के फंसे होने से उनके परिजन और रिश्तेदार भी चिंतित हैं।
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पंजावर निवासी दीपक राणा के पिता गुरवचन सिंह ने कहा कि दीपक का फोन आया था। फिलहाल दीपक ने सुरक्षित होने की बात कही थी। गुरवचन ने कहा कि इराक में ऐसे हालात के बीच फंसे बेटे के बारे में सोचकर वे सो तक नहीं पा रहे हैं। बढेड़ा निवासी दारा सिंह के भाई संजीव ने कहा कि दारा ने फोन पर कहा कि यहां हालात ठीक नहीं हैं। फिलहाल अपने सुरक्षित होने की बात कही। यह भी कहा कि अब मैं फोन नहीं कर पाऊंगा। अन्य कई लोगों के फंसे होने से उनके परिजन और रिश्तेदार भी चिंतित हैं।
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