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रेल बजट पर उद्यमियों की नजर
Una
Updated Mon, 18 Feb 2013 05:30 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। हर बार की तरह इस बार भी रेल बजट पर अन्य लोगों की तरह उद्यमियों की खास नजर है। रेल नेटवर्क से औद्योगिक क्षेत्रों के जुड़ने की आस लगाए बैठे ऊना जिला के उद्योगपतियों को इस मामले में हर बार मायूसी ही मिली है। इस दफा चंडीगढ़ से ताल्लुक रखने वाले मौजूदा रेल मंत्री से अन्य लोगों के साथ-साथ उद्योग जगत को अच्छी खासी उम्मीदें हैं। ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने जैसी विशेष घोषणा अगर इस दफा के रेल बजट में होती है तो यह न केवल ऊना जिला के उद्योगपतियों के लिए फायदेमंद साबित होगी, बल्कि पड़ोसी जिलों, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर के कारोबारियों के लिए वरदान से कम नहीं होगी। ऊना से होशियारपुर बाया जैजों तक रेलगाड़ी चलाने की मांग तो अरसे से उठती रही है, अगर इस दिशा में रेलमंत्री कोई बड़ी घोषणा करते हैं तो हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र सीधे पड़ोसी सूबे पंजाब के होशियारपुर, जालंधर तथा अमृतसर जैसे कई अन्य बड़े शहरों से सीधे जुड़ सकते हैं। मैहतपुर के रेलवे स्टेशन पर न तो स्थानीय उद्यमियों को पार्सल बुकिंग जैसी जरूरी सुविधा ही मिल रही है और न उद्योगों में तैयार माल अन्य राज्यों में रेल से भेजने का कोई जरिया सरकार मुहैया करवा पाई है। रेलवे स्टेशन के बेहद निकट होने के बावजूद ऊना जिले का मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र रेल नेटवर्क से अभी कोसों दूर है। व्यापार मंडल अध्यक्ष रामेश्वर दत्त द्विवेदी, मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल, बीबीटी औद्योगिक संघ के अध्यक्ष पवन ठाकुर, हरोली ब्लाक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल, पूर्व अध्यक्ष पीसी शर्मा, उद्यमी सीआर कौशल, बलतेज इंद्र सिंह समेत अन्य का कहना है कि इस बार के रेल बजट पर उद्योग जगत की खास निगाह है।
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