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देश का चौथा संस्कृत ग्राम बनेगा डोहगी
Una
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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ऊना। उपमंडल बंगाणा का डोहगी गांव देश का चौथा और हिमाचल प्रदेश का पहला संस्कृत ग्राम बनेगा। इस गांव को संस्कृत ग्राम बनाने की कवायद शुरू हो गई है। सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय डोहगी के छात्र इस गांव के हर परिवार को संस्कृत सिखाएंगे। कर्नाटक राज्य का मुटूर गांव देश का पहला संस्कृत ग्राम है। इसके बाद आंध्र प्रदेश के दो गांवों को संस्कृत ग्राम होने का गौरव हासिल हुआ है। अब डोहगी गांव देश का चौथा संस्कृत ग्राम बनने की राह पर अग्रसर है। मंगलवार को डोहगी संस्कृत महाविद्यालय में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान मानित विश्व विद्यालय नई दिल्ली की ओर से आयोजित अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र की द्वितीय दीक्षा के उद्घाटन समारोह में डोहगी को संस्कृत ग्राम बनाने का निर्णय लिया गया। द्वितीय दीक्षा के उद्घाटन मौके पर इस कवायद को आगे बढ़ाने की दिशा में नींव रखी गई। कालेज प्राचार्य डा भक्त वत्सल शर्मा ने कहा कि डोहगी गांव के निवासियों को संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। अनौपचारिक शिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कालेज के सभी छात्र इस कार्य को अतिशीघ्र पूरा करेंगे। संयोजक डा कृष्ण मोहन पांडे ने कहा कि महाविद्यालय में करीब 110 छात्र हैं। एक परिवार को एक छात्र संस्कृत सिखाएगा। गांव में लगभग 80 परिवार हैं। डोहगी को संस्कृत ग्राम बनाने का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। शिक्षण पूरा होने के बाद डोहगी गांव के लोग संस्कृत में ही वार्तालाप करते हुए नजर आएंगे और यह गांव देश का चौथा संस्कृत ग्राम बनेगा। पंचायत के प्रधान कुलदीप शर्मा और उपप्रधान सुभाष चंद्र ने महाविद्यालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि गांव का हर परिवार महाविद्यालय को पूरा सहयोग करेगा।
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