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पशु पालकों को बताई फीड तैयार करने की विधि
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। विधानसभा क्षेत्र की हलेड़ा-बिलणा पंचायत में पशु प्रजनन विभाग की ओर से पशुओं में आ रही बांझपन की समस्या को लेकर विशेष शिविर लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. राकेश भट्टी ने की।
शिविर में गांव के करीब 56 पशुपालकों ने भाग लिया और अपने पशुओं का निशुल्क उपचार करवाया। शिविर के दौरान पशुपालकों को विभाग की तरफ से पशुओं के पेट में कीड़े मारने की दवाइयां तथा कैल्शियम फ्री में बांटे गए। पॉली क्लीनिक ललड़ी से डॉ. निशांत ने पशुपालकों को बांझपन की समस्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पशु को अच्छी खुराक बचपन से ही जारी रखें और 30 किलो बजन के बच्चे को रोजाना तीन किलो दूध जरूर पिलाएं, ताकि बछड़ा हृष्ट-पुष्ट रहे।
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पशुओं को पेट के कीड़े मारने की दवाई भी अवश्य दें। हर तीन माह बाद पशु को पशु औषधालय में चेक करवाएं। डॉ. हरीश जसवाल ने पशुपालकों को पशु खरीदते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए के बारे में बताया गया। पशुओं का दूध कैसे दोहना है के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पशुओं में होने वाली मुंह-खुर की बीमारी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान किया कि इसके लिए टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि यह बीमारी काफी खतरनाक है। हवा के साथ 30 किलोमीटर क्षेत्र तक फैल सकती है। उन्होंने कहा कि गाय, भैंस, बकरी, भेड़ों व सूअरों में भी यह बीमारी होती है। उन्होंने घर में ही फीड तैयार करने की विधि भी बताई। एसवीओ डॉ. राकेश भट्टी ने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर स्वयं दूध सेल करने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर स्थानीय पंचायत प्रधान बलबिंद्र कौर, एनवाईके से रूपिंद्र सिंह, सचिन, हरीश, बिल्ला, जीत सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
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