फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   केमिकल उद्योग के पानी से प्रदूषित हुए जलस्रोत

केमिकल उद्योग के पानी से प्रदूषित हुए जलस्रोत

Fri, 28 Sep 2018 09:36 PM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 09:36 PM IST
विज्ञापन
केमिकल उद्योग के पानी से प्रदूषित हुए जलस्रोत
मैहतपुर (ऊना)। ऊना के सरहदी क्षेत्र नया नंगल में स्थित पीएसीएल उद्योग के गंदे पानी को लेकर जिला प्रशासन ऊना ने एक दफा फिर सवाल खड़े करते हुए उपायुक्त रोपड़ को पत्र लिखकर उक्त उद्योग के प्रदूषित पानी का जल्द उचित बंदोबस्त करने की मांग उठाई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त ऊना ने डीसी रोपड़ को लिखी चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा है कि नया नंगल के केमिकल उद्योग पीएसीएल से जो प्रदूषित पानी जमीन में जाता है, उससे साथ लगते हिमाचल के गांवों बीनेवाल तथा मलूकपुर में लगे सरकारी एवं निजी कुंओं/नलकूपों का पानी भी पूरी तरह से प्रदूषित हो गया है। इनका पानी अब न तो पीने लायक रहा है, और न ही यह सिंचाई के काम आ रहा है। जहां तक कि सनोली में लगाई गई सिंचाई परियोजना भी इसी वजह से पिछले कई सालों से बंद करनी पड़ी है। उक्त गांवों के लोगों की इस गंभीर समस्या को जिला परिषद की बैठकों में जोर शोर से उठाया गया, जिस के मद्देनजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बीनेवाल तथा मलूकपुर गांवों में जाकर अलग-अलग स्थानों से पानी के सैंपल एकत्र करके विभाग की लैब में परीक्षण करवाया था, जिसमें उक्त सैंपल फेल पाए गए थे। पानी में तय पैरामीटर से कहीं ज्यादा सोडियम की मात्रा पाई गई थी। उपायुक्त रोपड़ को लिखी चिट्टी में एडीएम ऊना ने लिखा है कि उक्त गांवों में पानी की गुणवत्ता सही नहीं है। पत्र में डीसी रोपड़ से गुजारिश कर उक्त प्लांट के प्रदूषित पानी के निष्पादन के उचित प्रबंध करने को कहा गया है।
विज्ञापन


विधानसभा में भी गूंजा था मुद्दा: रायजादा
ऊना सदर से कांग्रेरस विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि उक्त मसले को उन्होंने गत दिनों विधानसभा में भी उठाया था, जिसका राज्य के सीएम कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए हैं।
विज्ञापन


जिप सदस्य पंकज सहोड़ ने उठाया है मसला
जिला परिषद रायपुर सहोड़ां वार्ड दस के सदस्य पंकज सहोड़ ने सर्वप्रथम इस गंभीर मसले को जिप बैठकों में उठाया था, जिसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आया था, और पानी के सैंपल लिए थे। जिससे यह साफ हो पाया कि उक्त गांवों का पानी पीने एवं सिंचाई के लायक भी नहीं रहा है। उन्होंने का कहा कि प्रदूषण से सरहदी क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदूषण विभाग पहले ही दे चुका है अपनी रिपोर्ट: एसडीओ
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऊना के एसडीओ एसके धीमान ने कहा कि विभाग पहले ही अपनी रिपोर्ट दे चुका है। उक्त गांवों में पानी पीने लायक तो रहा ही नहीं, सिंचाई के योग्य भी नहीं रहा है। इस बाबत सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हिमाचल प्रदेश को भी अवगत करवा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed