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जिला में मूसलाधार बारिश ने मचाया कहर
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले में बुधवार रात से जारी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से कई क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है। सुबह से लगातार बारिश के कारण विद्यार्थियों और कॉलेज छात्र-छात्राओं को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
कई विद्यार्थी बारिश के चलते स्कूल भी नहीं जा पाए। दिनभर सड़कों पर वाहनों के रफ्तार धीमी रही। वाहन चालक हेडलाइट ऑन कर आगे बढ़ते रहे। भारी बारिश से खेत-खलिहान तालाब में तबदील हो गए। इससे नकदी फसलों में आलू और गोभी पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। हरोली के ईसपुर, पंडोगा, खड्ड, पंजावर, भदसाली एवं सलोह में खेतों में पानी भरने से आलू फसल भारी क्षति हुई।
इससे कृषि कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ती जा रही हैं। किसानों में तनाव की स्थिति बनती जा रही है। बुधवार रात से शुरू बारिश का दौर वीरवार देर शाम तक लगातार जारी। जनकौर स्कूल के मेन गेट तक स्कूल कैंपस पानी के तालाब के रूप में बदल गया है। बच्चों को मिड डे मील पकाने के लिए बनाई रसोई में भी पानी भर गया है। इससे न केवल शिक्षकों बल्कि मिड डे मील वर्कर्स और विद्यार्थियों की समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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दरअसल स्कूल के साथ से गुजरने वाले लिंक रोड को हाल ही में सीमेंट से बनाकर ऊंचा कर दिया था। इसके कारण स्कूल कैंपस की पूरी ड्रेनेज बंद हो गई है। बारिश के दौरान स्कूल से बाहर जाने वाला पानी अंदर ही चौक हो गया। इससे स्कूल परिसर में सबसे निचले क्षेत्र में बनी रसोई में पानी जमा हो गया। वीरवार सुबह छात्रों को कक्षा तक पहुंचना शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गया। मौसम विभाग ने बारिश से निजात मिलने की कोई संभावना नहीं जताई है।
गेहूं को मिली संजीवनी
जिले में बारिश से गेहूं को पानी मिलने से किसान खुश हैं। बारिश न होने से गैर सिंचित क्षेत्रों में फसलें सिंचाई के अभाव में मुरझा रही थीं। इससे किसानों को आशंका थी कि जल्द बारिश न हुई तो गेहूं की फसल सूख जाएगी। वीरवार को जमकर बरसे मेघों के कारण जहां दुर्गम क्षेत्र की फसलों को संजीवनी मिली है तो दूसरी ओर बारिश के कारण बढ़ी ठंड से अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। दुकानों में ग्राहक नहीं पहुंचे। मजबूरन दुकानदार दुकानें बंद करके घरों को चले गए। इसके अलावा रेहड़ी-फड़ी और दिहाड़ी लगाकर पेट पालने वाले लोग आज मूसलाधार बारिश के कारण काम पर नहीं जा सके।
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ऊना। जिले में बुधवार रात से जारी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से कई क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है। सुबह से लगातार बारिश के कारण विद्यार्थियों और कॉलेज छात्र-छात्राओं को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
कई विद्यार्थी बारिश के चलते स्कूल भी नहीं जा पाए। दिनभर सड़कों पर वाहनों के रफ्तार धीमी रही। वाहन चालक हेडलाइट ऑन कर आगे बढ़ते रहे। भारी बारिश से खेत-खलिहान तालाब में तबदील हो गए। इससे नकदी फसलों में आलू और गोभी पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। हरोली के ईसपुर, पंडोगा, खड्ड, पंजावर, भदसाली एवं सलोह में खेतों में पानी भरने से आलू फसल भारी क्षति हुई।
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इससे कृषि कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ती जा रही हैं। किसानों में तनाव की स्थिति बनती जा रही है। बुधवार रात से शुरू बारिश का दौर वीरवार देर शाम तक लगातार जारी। जनकौर स्कूल के मेन गेट तक स्कूल कैंपस पानी के तालाब के रूप में बदल गया है। बच्चों को मिड डे मील पकाने के लिए बनाई रसोई में भी पानी भर गया है। इससे न केवल शिक्षकों बल्कि मिड डे मील वर्कर्स और विद्यार्थियों की समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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दरअसल स्कूल के साथ से गुजरने वाले लिंक रोड को हाल ही में सीमेंट से बनाकर ऊंचा कर दिया था। इसके कारण स्कूल कैंपस की पूरी ड्रेनेज बंद हो गई है। बारिश के दौरान स्कूल से बाहर जाने वाला पानी अंदर ही चौक हो गया। इससे स्कूल परिसर में सबसे निचले क्षेत्र में बनी रसोई में पानी जमा हो गया। वीरवार सुबह छात्रों को कक्षा तक पहुंचना शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गया। मौसम विभाग ने बारिश से निजात मिलने की कोई संभावना नहीं जताई है।
गेहूं को मिली संजीवनी
जिले में बारिश से गेहूं को पानी मिलने से किसान खुश हैं। बारिश न होने से गैर सिंचित क्षेत्रों में फसलें सिंचाई के अभाव में मुरझा रही थीं। इससे किसानों को आशंका थी कि जल्द बारिश न हुई तो गेहूं की फसल सूख जाएगी। वीरवार को जमकर बरसे मेघों के कारण जहां दुर्गम क्षेत्र की फसलों को संजीवनी मिली है तो दूसरी ओर बारिश के कारण बढ़ी ठंड से अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। दुकानों में ग्राहक नहीं पहुंचे। मजबूरन दुकानदार दुकानें बंद करके घरों को चले गए। इसके अलावा रेहड़ी-फड़ी और दिहाड़ी लगाकर पेट पालने वाले लोग आज मूसलाधार बारिश के कारण काम पर नहीं जा सके।