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एक अवगुण मानव को बना देता दानव: आचार्य
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अमर उजाला ब्यूरो
दौलतपुर चौक (ऊना)। छिन्नमस्तिका धाम हरवाल में श्रीमद् देवी भागवत के चौथे दिन आचार्य नड्डा ने मां भगवती का प्राकट्य और महिषासुर के विनाश की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि अच्छा गुण मानव को देवता बनाता है। मानव द्वारा किया एक ही अवगुण उसको दानव बना देता है।
उन्होंने कहा कि आजकल बहुत सारे लोग यह कहते हैं कि भगवती ने मदिरापान किया है जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में द्राक्षासव का आलेख आया है। राक्षसों का विनाश करने के लिए मां भगवती ने मधु रस पिया था। महिषासुर का विनाश करने के लिए अपने बल को बढ़ाने के लिए मां ने मधु रूपी द्राक्षासव पिया है। यही मानव के लिए कहा गया है। यह मधु अथवा द्राक्षासव औषधि (शहद) है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में पंचामृत का विशेष महत्व है। इसमें से एक अमृत रूपी शहद भी है।
उन्होंने संगत को बताया कि जो भी व्यक्ति सच्चाई के पथ पर चलता है, उसकी हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि सत्य के लिए हर वस्तु का बलिदान किया जा सकता है। मगर सत्य का बलिदान किसी के लिए भी नहीं किया जा सकता। इस अवसर बाबा राकेश शाह, कलोह के प्रधान संजीव, यशमेर सिंह, राज ठाकुर, रिंकू ठाकुर, राजेंद्र सिंह, कैप्टन हैप्पी, सतीश शर्मा, जीत चौधरी, संजय पुर्जा, किशोरी लाल शर्मा, तारा देवी, तृप्ता देवी, रेणु वाला, सविता देवी, पंकज, प्रतीक, रूपेश शर्मा उपस्थित रहे।
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दौलतपुर चौक (ऊना)। छिन्नमस्तिका धाम हरवाल में श्रीमद् देवी भागवत के चौथे दिन आचार्य नड्डा ने मां भगवती का प्राकट्य और महिषासुर के विनाश की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि अच्छा गुण मानव को देवता बनाता है। मानव द्वारा किया एक ही अवगुण उसको दानव बना देता है।
उन्होंने कहा कि आजकल बहुत सारे लोग यह कहते हैं कि भगवती ने मदिरापान किया है जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में द्राक्षासव का आलेख आया है। राक्षसों का विनाश करने के लिए मां भगवती ने मधु रस पिया था। महिषासुर का विनाश करने के लिए अपने बल को बढ़ाने के लिए मां ने मधु रूपी द्राक्षासव पिया है। यही मानव के लिए कहा गया है। यह मधु अथवा द्राक्षासव औषधि (शहद) है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में पंचामृत का विशेष महत्व है। इसमें से एक अमृत रूपी शहद भी है।
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उन्होंने संगत को बताया कि जो भी व्यक्ति सच्चाई के पथ पर चलता है, उसकी हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि सत्य के लिए हर वस्तु का बलिदान किया जा सकता है। मगर सत्य का बलिदान किसी के लिए भी नहीं किया जा सकता। इस अवसर बाबा राकेश शाह, कलोह के प्रधान संजीव, यशमेर सिंह, राज ठाकुर, रिंकू ठाकुर, राजेंद्र सिंह, कैप्टन हैप्पी, सतीश शर्मा, जीत चौधरी, संजय पुर्जा, किशोरी लाल शर्मा, तारा देवी, तृप्ता देवी, रेणु वाला, सविता देवी, पंकज, प्रतीक, रूपेश शर्मा उपस्थित रहे।
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