{"_id":"61fc134605ec15442240ab12","slug":"45-percent-students-reached-school-amidst-bad-weather-una-news-sml398518729","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब मौसम के बीच 45 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब मौसम के बीच 45 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
विज्ञापन
ऊना के कन्या स्कूल में छात्राओं की थर्मल स्क्रींनिग करते अध्यापक। संवाद
- फोटो : Una
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना। जिला के सभी स्कूल एक महीने बाद विद्यार्थियों के लिए वीरवार को खुल गए। सुबह को लगातार हो रही बारिश के बीच आधे से भी कम संख्या में ही विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। फिलहाल, नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं में ही विद्यार्थियों को बुलाया गया, लेकिन खराब मौसम के बीच बेहद कम संख्या में बच्चों ने स्कूलों का रुख किया। वहीं, कम संख्या में बच्चों के स्कूल पहुंचने का दूसरा मुख्य कारण खराब स्वास्थ्य को भी बताया जा रहा है।
दरअसल जिला में लगातार बारिश और सर्द हवाओं के बीच कई बच्चे इस समय बुखार की चपेट में भी हैं। इस कारण भी कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला के सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक कुल 23 हजार 925 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। वीरवार को इनमें से केवल 10 हजार 860 बच्चे ही स्कूलों में पहुंचे। यह कुल संख्या का 45.39 प्रतिशत है। इसमें से नौवीं कक्षा के कुल 5268 बच्चों में से 2011 (38.17 प्रतिशत), दसवीं के कुल 5143 विद्यार्थियों में से 2581 (50.18 प्रतिशत), ग्यारहवीं के 7759 विद्यार्थियों में से 3514 (45.29 प्रतिशत), बारहवीं के कुल 5755 विद्यार्थियों में से 2754 (47.85 प्रतिशत) ही स्कूल पहुंचे। इस दौरान बच्चों को मास्क और सैनिटाइजेशन के बाद ही स्कूलों में प्रवेश कराया गया। वहीं कक्षाओं में भी उचित शारीरिक दूरी के साथ ही बच्चों को बिठाया गया। कम संख्या में बच्चे पहुंचने से स्कूल प्रबंधकों को भी बच्चों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
हालांकि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ने पर कोरोना गाइडलाइंस के तहत बच्चों को पढ़ाई करवाना आसान नहीं होगा। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग जनक सिंह ने कहा कि कक्षाओं में बच्चों की पढ़ाई के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए विभाग की ओर से जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को बच्चों की संख्या बारिश के कारण कम रही है। कहा कि आने वाले दिनों में बच्चें ज्यादा संख्या में स्कूल पहुंचेंगे। ऐसे में सभी स्कूलों को जरूरी व्यवस्था पहले से ही तैयार करवानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल जिला में लगातार बारिश और सर्द हवाओं के बीच कई बच्चे इस समय बुखार की चपेट में भी हैं। इस कारण भी कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला के सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक कुल 23 हजार 925 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। वीरवार को इनमें से केवल 10 हजार 860 बच्चे ही स्कूलों में पहुंचे। यह कुल संख्या का 45.39 प्रतिशत है। इसमें से नौवीं कक्षा के कुल 5268 बच्चों में से 2011 (38.17 प्रतिशत), दसवीं के कुल 5143 विद्यार्थियों में से 2581 (50.18 प्रतिशत), ग्यारहवीं के 7759 विद्यार्थियों में से 3514 (45.29 प्रतिशत), बारहवीं के कुल 5755 विद्यार्थियों में से 2754 (47.85 प्रतिशत) ही स्कूल पहुंचे। इस दौरान बच्चों को मास्क और सैनिटाइजेशन के बाद ही स्कूलों में प्रवेश कराया गया। वहीं कक्षाओं में भी उचित शारीरिक दूरी के साथ ही बच्चों को बिठाया गया। कम संख्या में बच्चे पहुंचने से स्कूल प्रबंधकों को भी बच्चों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
विज्ञापन
हालांकि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ने पर कोरोना गाइडलाइंस के तहत बच्चों को पढ़ाई करवाना आसान नहीं होगा। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग जनक सिंह ने कहा कि कक्षाओं में बच्चों की पढ़ाई के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए विभाग की ओर से जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को बच्चों की संख्या बारिश के कारण कम रही है। कहा कि आने वाले दिनों में बच्चें ज्यादा संख्या में स्कूल पहुंचेंगे। ऐसे में सभी स्कूलों को जरूरी व्यवस्था पहले से ही तैयार करवानी होगी।
विज्ञापन