नशा बुराई है तो इसकी दुकान क्यों खाेलीं
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। अमर उजाला फाउंडेशन के विशेष अभियान पुलिस की पाठशाला के तहत वीरवार को राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संतोषगढ़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाल मन वाले छात्रों ने एएसपी विनोद धीमान से तीखे सवाल पूछे। एक छात्र ने यह जाना चाहा कि अगर नशा बुराई है तो इसकी दुकानें क्यों खोली गई हैं? एएसपी ने बच्चों के सवालों के जवाब बेहद संजीदगी से दिए।
इस अवसर पर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों तथा ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एडिशनल एसपी विनोद धीमान ने शिरकत की। कार्यक्रम में छात्रों ने भी पुलिस के साथ संवाद करते हुए कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे। एएसपी विनोद धीमान ने बच्चों के हर सवाल का जवाब दिया। उन्हें जागरूक किया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित नशों का सेवन न केवल शरीर के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। नशे के साथ पकड़े गए व्यक्ति को नारकोटिक्स एक्ट के तहत जुर्माने और दो साल से लेकर बीस वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि चिट्टा और चरस जैसे नशा हमारे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। पहले पहल नशा करने वाले को इसका मजा आने लगता है और बाद में वह इसकी गिरफ्त में ऐसा फंसता है कि फिर उससे बाहर नहीं निकल पाता। उन्होंने कहा कि नशा करने से व्यक्ति की सामान्य क्षमता प्रभावित होती है। व्यक्ति का शरीर असामान्य व्यवहार करने लगता है। उन्होंने अध्यापकों से भी अपील की कि अगर बच्चे का व्यवहार बदला हुआ नजर जाता है तो सतर्क हो जाएं। इसकी सूचना परिजनों को दें। हो सकता है बच्चे नशे की गिरफ्त में हों।
पुलिस की पाठशाला में बतौर विशेषज्ञ पहुंचे पूर्व जिला आयुर्वेदिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राम नारायण प्रभाकर ने कहा कि नशा व्यक्ति की स्मृति और बुद्धि का नाश करता है। उन्होंने गुटखा और खैनी जैसे नशों से होने वाले नुकसान के प्रति भी बच्चों को चेताया। साथ ही स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का जीवन यदि नशे की वजह से खतरे में पड़ता है तो उसका पूरा परिवार बर्बाद होता है। इसलिए किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए। इस मौके पर संतोषगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी राजेश कुमार भी मौजूद रहे।
नशे की सूचना पुलिस को दें
एसएसपी विनोद धीमान ने बच्चों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि वे नशे के कारोबार से संबंधित कोई भी सूचना पुलिस को दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम पूूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस से संबंधी किसी भी प्रकार की सहायता अथवा सूचना के लिए 100 नंबर के अलावा 9459100100 पर कभी भी संपर्क किया जा सकता है।
शौक के लिए भी न करें नशा
डॉ. राम नारायण ने कहा कि आजकल युवा देखादेखी में कई तरह के नशों का प्रयोग करने लगे हैं। लेकिन इनकी लत एक बार लग जाए तो फिर इनसे बचना मुश्किल है। इसलिए कभी शौक में भी किसी प्रकार के नशे के सेवन से बचना चाहिए।
संस्कारों का करें नशा : उपेंद्र राणा
प्रधानाचार्य उपेंद्र राणा ने बच्चों को सकारात्मक सोच रखने की नसीहत देते हुए कहा कि नशा करना है तो पढ़ाई और संस्कारों का किया जाए, जिससे अपका कॅरिअर और भविष्य सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति भी जागरूक किया।
क्या बोले विद्यार्थी
दसवीं के इमरान ने एएसपी से सवाल किया कि पुलिस और आर्मी में जाने के लिए किस तरह की पढ़ाई की जरूरत होगी? क्या एनसीसी रखने से कोई लाभ होगा? इस पर एएसपी विनोद धीमान ने पुलिस में होने वाले टेस्ट पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी सी सर्टिफिकेट धारक कैंडिडेट की बतौर लेफ्टिनेंट सीधी भरती करती है, जिसके लिए एसएसबी इंटरव्यू देना पड़ता है।
दसवीं के सूरज ने कहा कि पुलिस की सख्ती के बावजूद ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है। इस पर एएसपी ने कहा कि पुलिस को सामाजिक सहभागिता की जरूरत है।
छात्र सुनील कुमार शर्मा ने सवाल किया कि शराब के ठेके हाइवे के किनारे क्यों खोले जाते हैं। इस पर एएसपी ने आबकारी नियमों के प्रति छात्रों को जागरूक किया।
जमा एक काजल ने कहा कि जो अव्यस्क स्कूटर या बाइक्स चलाते हैं, उनके लिए सजा का क्या प्रावधान है? एएसपी ने बताया कि ऐसे मामले में चालान और वाहन भी बांड किया जा सकता है।
जमा एक की छात्रा प्रिया ने पूछा कि, नशा जहां से सप्लाई हो रहा है, पुलिस वहीं कार्रवाई क्यों नहीं करती। इस पर एएसपी ने कहा कि देश की कई एजेंसियां बार्डर पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करती है। किसी तरह जब नशे की खेप देश के भीतर पहुंचती है तो पुलिस उस पर कार्रवाई करती है।
छठी के रविंद्र ने पूछा कि अगर नशा बुराई है तो इसकी दुकानें क्यों खुली है। इस पर छात्रों को आबकारी नीतियों के बारे में बताया गया।