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सोमभ्रदा क्यों काली, हिमाचल न पंजाब जिम्मा लेने का राजी
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:17 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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मैहतपुर (ऊना)। सोमभद्रा नदी में प्रदूषित काले पानी से दर्जनों मछलियां के मरने से मचे हड़कंप को लेकर हिमाचल तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच तलवारें खिंच गई हैं। दोनों ओर से अपने-अपने क्षेत्र के उद्योगों को क्लीन चिट दिए जाने से बड़ा सवाल पैदा हो गया है, कि सोमभद्रा नदी में बहने वाला प्रदूषित काला पानी आखिर है किस का?
सोमभद्रा नदी के प्रदूषित काले पानी की वजह ही दर्जनों मछलियां पंजाब के नानग्रां गांव में मरी हैं। बड़ा सवाल यह भी कि अगर हिमाचल के उद्योगों का प्रदूषित पानी स्वां नदी में जाता है, तो मछलियां नानग्रां में ही क्यों मरीं? बीते सोमवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने हिमाचल के टाहलीवाल तथा मैहतपुर में चल रहे उद्योगों को जिम्मेदार ठहराया था। उसका आरोप है कि मछलियों के मरने की वजह यहां के उद्योगों से आने वाला प्रदूषित काला पानी ही है। जबकि बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऊना के अधिकारियों ने साफ किया मैहतपुर तथा टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में ऐसा कोई यूनिट ही नहीं है, जिसका कैमिकल युक्त प्रदूषित काला पानी स्वां नदी में जाता हो।
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दोनों प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण विभाग इस मसले पर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे उद्योगों को क्लीन चिट दे रहे हैं। प्रदूषण विभाग ऊना के सूत्रों ने दावा किया कि विभाग ने पंजाब के भलड़ी गांव तक स्वां नदी के पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई है, कहीं पर कोई प्रदूषित पानी नहीं मिला है। ऐसे में किस आधार पर ऊना के उद्योगों से प्रदूषित काला पानी स्वां नदी में जाने की बात कही जा रही है।
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नंगल के कैमिकल उद्योगों से प्रदूषित हो रहा पानी : धीमान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऊना के अधिशासी अभियंता एसके धीमान ने कहा कि मैहतपुर तथा टाहलीवाल के किसी भी उद्योग का प्रदूषित काला पानी स्वां नदी में नहीं जाता। उन्होंने सवाल खड़ा किया अगर हिमाचल के उद्योगों का प्रदूषित पानी था, तो मछलियां नानग्रां में ही क्यों मरीं, उससे पहले क्यों नहीं। धीमान ने कहा कि नया नंगल के कैमिकल उद्योग का प्रदूषित काला पानी है, जिससे उस समूचे क्षेत्र में किसान परेशान हैं। बीनेवाल, पूना, मजारा तथा मलूकपुर आदि गांवों में उसके चलते पानी पीने लायक तो नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के दयापुर गांव के पास नंगल के कैमिकल उद्योग का एंफुलेंट का पाइप गिरता है। उसी क्षेत्र के आगे ही मछलियां मरीं हैं।
उद्योगों के दूषित पानी से समस्या : कुलदीप
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने कहा कि टाहलीवाल तथा मैहतपुर के उद्योगों से गंदा पानी इसकी वजह बन रहा है। उन्होंने पंजाब के कैमिकल उद्योगों को क्लीन चिट थमा दी है।