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चिंतपूर्णी में श्रद्धालु व सुरक्षा कर्मी में झड़प
Updated Sun, 01 Apr 2018 06:51 PM IST
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चिंतपूर्णी में श्रद्धालु और सुरक्षा कर्मी में झड़प
सुरक्षा कर्मी ने फाड़े श्रद्धालु के कपड़े, भीड़ के आगे मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाएं फेल
बंद करवाने पड़ा आउट गेट, रविवार को 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
भरवाईं (ऊना)।
चिंतपूर्णी मंदिर में तपती गर्मी में श्रद्धालु घंटों लाइनों में खड़े रह कर मां के दर्शनों को आ रहे हैं। हालांकि मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के अभद्र व्यवहार से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। रविवार के दिन चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे मंदिर प्रशासन के सारे प्रबंधों की पोल खुलकर सामने आ गई। भक्तों के जन सैलाब के आगे मंदिर प्रशासन व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से नाकाम दिखा। यही नहीं आउट गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने एक श्रद्धालु के साथ मारपीट कर उसके कपड़े तक फाड़ डाले। इससे आउट गेट पर कुछ घंटों तक माहौल तनावपूर्ण रहा। इस दौरान मंदिर अधिकारी ने आउट गेट पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को अनियंत्रित होते देख आउट गेट को पूरी तरह से बंद करवा दिया। आउट गेट बंद होने से मंदिर में माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं को माथा टेकने के बाद लिफ्ट वाली साइड सीढ़ियों के रास्ते से बाहर निकाला गया। मंदिर में अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं में खासकर बुजुर्गों को सीढ़ियों के रास्ते से जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिंतपूर्णी मंदिर में ऐसा पहली बार देखने में आया कि मंदिर के निकासी द्वार बंद कर दिए गए हों। सावन अष्टमी मेले में भी आज तक इतनी भीड़ होते हुए आउट गेट कभी बंद नहीं किए गए।
सुरक्षा कर्मी से मारपीट का शिकार पीड़ित युवक ने आउट गेट पर काफी देर तक डेरा डाले रखा और मंदिर प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित युवक के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चिंतपूर्णी मंदिर के आउट गेट के कपाट आज तक कभी बंद नहीं हुए लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने में असफल होने पर अपनी नाकामियों को छिपाने को मंदिर के आउट गेट बंद करवा दिए। निकासी द्वार करीब दो घंटे बंद रहे करीब चार बजे दोबारा आउट गेट खोलने पर श्रद्धालुओं की निकासी दोबारा से शुरू की गई। रविवार के दिन मां के दरबार में देर शाम तक लगभग 40 हजार से अधिक श्रद्धालुआं ने शीश नवाया। दर्शनों को धूप में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं नजर आई। कई श्रद्धालु तो बिना दर्शन किए ही घर वापस लौट गए।
एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के चिंतपूर्णी थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा का कहना है कि श्रद्धालु बिना दर्शन पर्ची के आउट गेट में घुसने की कोशिश कर रहे थे। आउट गेट पर भीड़ ज्यादा बढ़ गई थी जिस कारण इसे बंद करवाया दिया गया। आउट गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने श्रद्धालु को आउट गेट से मंदिर में जाने को रोकने पर श्रद्धालु भड़क गया और दोनों में मामूली हाथापाई हुई।
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मंदिर अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने बैक डोर एंट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए रखा। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की सख्ती के चलते श्रद्धालु लाइन तोड़कर दर्शन करने में कामयाब नहीं हो सके।
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सुरक्षा कर्मी ने फाड़े श्रद्धालु के कपड़े, भीड़ के आगे मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाएं फेल
बंद करवाने पड़ा आउट गेट, रविवार को 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
भरवाईं (ऊना)।
चिंतपूर्णी मंदिर में तपती गर्मी में श्रद्धालु घंटों लाइनों में खड़े रह कर मां के दर्शनों को आ रहे हैं। हालांकि मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के अभद्र व्यवहार से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। रविवार के दिन चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे मंदिर प्रशासन के सारे प्रबंधों की पोल खुलकर सामने आ गई। भक्तों के जन सैलाब के आगे मंदिर प्रशासन व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से नाकाम दिखा। यही नहीं आउट गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने एक श्रद्धालु के साथ मारपीट कर उसके कपड़े तक फाड़ डाले। इससे आउट गेट पर कुछ घंटों तक माहौल तनावपूर्ण रहा। इस दौरान मंदिर अधिकारी ने आउट गेट पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को अनियंत्रित होते देख आउट गेट को पूरी तरह से बंद करवा दिया। आउट गेट बंद होने से मंदिर में माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं को माथा टेकने के बाद लिफ्ट वाली साइड सीढ़ियों के रास्ते से बाहर निकाला गया। मंदिर में अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं में खासकर बुजुर्गों को सीढ़ियों के रास्ते से जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिंतपूर्णी मंदिर में ऐसा पहली बार देखने में आया कि मंदिर के निकासी द्वार बंद कर दिए गए हों। सावन अष्टमी मेले में भी आज तक इतनी भीड़ होते हुए आउट गेट कभी बंद नहीं किए गए।
सुरक्षा कर्मी से मारपीट का शिकार पीड़ित युवक ने आउट गेट पर काफी देर तक डेरा डाले रखा और मंदिर प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित युवक के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चिंतपूर्णी मंदिर के आउट गेट के कपाट आज तक कभी बंद नहीं हुए लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने में असफल होने पर अपनी नाकामियों को छिपाने को मंदिर के आउट गेट बंद करवा दिए। निकासी द्वार करीब दो घंटे बंद रहे करीब चार बजे दोबारा आउट गेट खोलने पर श्रद्धालुओं की निकासी दोबारा से शुरू की गई। रविवार के दिन मां के दरबार में देर शाम तक लगभग 40 हजार से अधिक श्रद्धालुआं ने शीश नवाया। दर्शनों को धूप में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं नजर आई। कई श्रद्धालु तो बिना दर्शन किए ही घर वापस लौट गए।
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एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के चिंतपूर्णी थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा का कहना है कि श्रद्धालु बिना दर्शन पर्ची के आउट गेट में घुसने की कोशिश कर रहे थे। आउट गेट पर भीड़ ज्यादा बढ़ गई थी जिस कारण इसे बंद करवाया दिया गया। आउट गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने श्रद्धालु को आउट गेट से मंदिर में जाने को रोकने पर श्रद्धालु भड़क गया और दोनों में मामूली हाथापाई हुई।
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मंदिर अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने बैक डोर एंट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए रखा। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की सख्ती के चलते श्रद्धालु लाइन तोड़कर दर्शन करने में कामयाब नहीं हो सके।