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टांग कटी...पर हिम्मत नहीं हारी
Updated Sat, 06 Oct 2018 09:32 PM IST
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एक पांव से गाड़ी चलाकर पाल रहा परिवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। लालसिंगी निवासी हरदयाल सिंह एक पांव के सहारे टेंपो चलाकर परिवार का पालन कर रहे हैं। दिव्यांगता को ठेंगा दिखाकर वे औरों के लिए मिसाल बने हैं। अज्ञात बीमारी के चलते हरदयाल को एक टांग कटवानी पड़ी। वे खुद मेहनत कर अपना और परिवार का पेट पाल रहे हैं।
वे दो बेटियों की शादियां भी कर चुके हैं। उनका बेटा व्यवसाय कर रहा है। दिव्यांगता के बाद हरदयाल ने हिम्मत नहीं हारी। पेशे से ट्रक चालक हरदयाल का कई साल पहले एक पैर अज्ञात बीमारी के कारण कट गया। बीपीएल से संबंधित परिवार में कमाने वाला एक मात्र हरदयाल ही था। हरदयाल के दिव्यांग होने से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। एक तो पहले ही माली हालत ठीक नहीं थी, ऊपर से घर से एक मात्र व्यक्ति भी अपंगता का शिकार हो गया।
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दोस्त ने उपहार में दिया
हरदयाल ने बताया कि मुश्किल के समय में उसे दोस्त ने मदद की। दोस्त ने उसे छोटा हाथी गाड़ी उपहार में दी। इससे वह रोजी-रोटी कमाने लगा। हरदयाल ने कहा कि उन्होंने कुछ विशेष तकनीकी तब्दीलियां करते हुए गाड़ी को अपने लायक बनाया। वह स्वयं एक पांव से वाहन चलाकर परिवार का पेट पाल रहे हैं। वह किसी भी चीज का मोहताज नहीं है। इस मुश्किल की कड़ी में पत्नी ने भी उनका पूरा साथ दिया और कभी महसूस ही नहीं होने दिया की उसकी एक टांग नहीं है।
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