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157 आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, 63 में पेयजल नहीं
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:15 PM IST
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जिला परिषद की बैठक में जोर-शोर से उठा मुद्दा
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
जिला के 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1301 में पानी की सुविधा उपलब्ध है। शेष में भी अन्य स्थानों से लाकर पानी मुहैया करवाया जा रहा है। इतना ही नहीं जिले में 157 ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां पर बिजली नहीं है। जिला परिषद हाल में आयोजित त्रैमासिक बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में पेश आ रही समस्याओं का मुद्दा जोरशोर से गर्माया।
सदस्यों ने कहा कि इन्हीं कारणों से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्षा सोमा देवी भरवाल ने की। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एसडीएम ऊना सुखदेव सिंह भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में गत तिमाही का लगभग पौने नौ करोड़ रुपये के आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा राज्य वित्तायोग के अंतर्गत जिला पार्षदों से प्राप्त लगभग 17 लाख रुपये के शेल्फ को भी अनुमोदित किया गया। बैठक का संचालन एडीएम ऊना सुखदेव सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पार्षदों के उठाए मुद्दों को अधिकारी सदस्यों के साथ मिलकर हल करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था में जिला परिषद सबसे ऊपरी सदन है। जिला पार्षदों की ओर से समय-समय जनहित से जुड़े मसलों को सदन में लाया जाता है।
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उन्होंने अधिकारियों से पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने तथा उठाए मुद्दों पर गंभीरता से प्रयास करते हुए यथासंभव समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में सदस्यों की ओर से ग्राम पंचायतों में बीपीएल सर्वेक्षण को लेकर उठाए सवाल पर कहा कि बीपीएल सर्वेक्षण का कार्य सरकार के क्षेत्राधिकार में तथा इस संबंध में सरकार के जो भी दिशा-निर्देश होंगे उन पर अमल किया जाएगा। बीपीएल सूची से अपात्रों को हटाना और नये को शामिल करना ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार में शामिल है। उन्होंने जिला में स्थापित किए जा रहे गौसदनों को लेकर कहा कि इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतें इनके संचालन में यथासंभव सहयोग दे। इसके अतिरिक्त जिला में बेसहारा गौवंश को संरक्षण देने के लिए सदस्य अपने-अपने रचनात्मक सुझाव भी दे सकते हैं। इससे पहले बैठक में अलग-अलग जिला पार्षदों द्वारा उठाए मुद्दों पर चर्चा की गई। विभागों के अधिकारियों से उठाए मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए।
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बैठक में सदस्य उर्मिला देवी ने पंचायतों के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सरकारी सीमेंट की आपूर्ति न होने का मामला उठाया। इस पर अधिकारियों ने बताया कि जिला में सरकारी सीमेंट की पर्याप्त सप्लाई आ रही है। इस बारे में कोई दिक्कत नहीं है। जिप सदस्य पंकज कुमार की ओर से औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में औद्योगिक इकाई द्वारा गंदा पानी छोड़ने को लेकर अब तक कोई कार्रवाई न होने को लेकर नगर परिषद, जीएम डीआईसी, अधिशासी अभियंता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सदस्य के साथ मिलकर जल्द संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद के सदस्यों के अतिरिक्त जिला पंचायत अधिकारी रमन शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।