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जो नहीं सुनेगा बात, उसका होगा बहिष्कार
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:11 PM IST
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ऊना। कमलेशचंद्र कमेटी के सिफारिशों को जल्द लागू किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे देशभर के 2 लाख 76 हजार ग्रामीण डाक कर्मियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। शुक्रवार को हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। भोजनावकाश के दौरान डाक कर्मचारी यूनियन ग्रुप तृतीय के परिमंडलीय सचिव एचएस गुलेरिया ने कहा कि पोस्टल बोर्ड हिटलर शाही पर उतर आया है। उच्चाधिकारियों का पद कोई खाली नहीं है, लाखों रुपये बिना मतलब के उड़ाए जा रहे हैं, लेकिन विभाग में सबसे ज्यादा काम के बोझ में दबे ग्रामीण डाक कर्मियों की बात ही सुनने को कोई तैयार नहीं है। डाक विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। नई-नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। स्टाफ को बढ़ाने के लिए कोई योजना नहीं बन रही है। गुलेरिया ने कहा कि अगर ग्रामीण डाक कर्मचारी न हों तो डाक विभाग का दूसरे दिन ही भट्ठा बैठ जाएगा। ऊना मुख्य डाकघर में ऊना डाक मंडल के ज्यादातर ग्रामीण डाक कर्मियों ने पोस्टल बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनके वेतनमानों के लिए गठित कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट को केंद्र सरकार लागू नहीं कर रही है। ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल ने एलान किया कि जो राजनीतिक दल अथवा नेता उनकी अब बात नहीं सुनेगा और उनके इस आंदोलन का समर्थन नहीं करेगा, आने वाले चुनाव में उनका बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर डाक मंडल के तहत ग्रामीण डाक कर्मियों के परिजन 1 लाख 20 हजार के करीब मतदाता के रूप में हैं, जो चुनावों के वक्त उसी को समर्थन देंगे जो दल अथवा नेता उनका साथ देगा। दाता राम ने कहा कि भाजपा अथवा कांग्रेस दोनों ही सियासी दलों के नेता खामोश हैं। ऐसे में ग्रामीण डाक कर्मी अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। शुक्रवार को बलवीर सिंह, दाताराम, अजय कुमार, महेश कपिला, सुषमा, सत्यादेवी, मनोज, लखवीर सिंह, नितिश, गुरमुख सिंह, विनोद कुमार, रामकुमार, सुखदेव शर्मा, कमल, शंभूनाथ, मोहन लाल, प्रमोद, बलविंद्र, राजकुमार समेत कई ग्रामीण डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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