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ऊना में 627 टीमें जिलेभर में लेगी 2800 टीबी मरीजों के सैंपल
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ऊना। जिला ऊना में 21 दिन तक चलने वाले टीबी हारेगा, ऊना जीतेगा अभियान की शुरुआत सोमवार क्षेत्रीय अस्पताल ऊना से उपायुक्त राघव शर्मा ने जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर की।
इससे पूर्व क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए राघव शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। कहा कि टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले में लगभग 2800 टीबी के नमूने एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने 627 टीमें गठित की गई हैं।
इनमें स्वास्थ्य खंड अंब में 116, बसदेहड़ा में 173, गगरेट में 108, हरोली में 129 और स्वास्थ्य खंड थाना कलां में 101 टीमें शामिल हैं। इन टीमों में आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर द्वारा घर-घर जाकर क्षय रोग से पीड़ित मरीजों की स्क्रीनिंग तथा सैंपल एकत्रित करेंगी। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि खांसी, बुखार, वजन कम होना, पसीना आना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द तथा गर्दन में गांठें आदि होने की स्थिति में बीमारी के लक्षणों को छुपाए नहीं और अपनी जांच अवश्य करवाएं।
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उपायुक्त ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से एक अतिरिक्त सीबीनॉट टीबी टेस्टिंग मशीन आरएच ऊना को उपलब्ध करवाई है। जिले में 17 क्षय रोगियों को प्रतिमाह 34,000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। राघव शर्मा ने रेडक्रॉस सोसायटी ऊना और इंडस्ट्री एसोसिएशन मैहतपुर के सहयोग से 10 टीबी मरीजों को हाईजीन और न्यूट्रीशन किटें प्रदान की।
इस अवसर स्टेट पैटर्न रेडक्रॉस सोसायटी सुरेंद्र ठाकुर, सीएमओ डॉ. मंजू बहल, एमएस डॉ. रमन शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय अत्री, प्रधान मैहतपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन सीएस कपूर और अन्य मौजूद रहे।
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इससे पूर्व क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए राघव शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। कहा कि टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले में लगभग 2800 टीबी के नमूने एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने 627 टीमें गठित की गई हैं।
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इनमें स्वास्थ्य खंड अंब में 116, बसदेहड़ा में 173, गगरेट में 108, हरोली में 129 और स्वास्थ्य खंड थाना कलां में 101 टीमें शामिल हैं। इन टीमों में आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर द्वारा घर-घर जाकर क्षय रोग से पीड़ित मरीजों की स्क्रीनिंग तथा सैंपल एकत्रित करेंगी। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि खांसी, बुखार, वजन कम होना, पसीना आना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द तथा गर्दन में गांठें आदि होने की स्थिति में बीमारी के लक्षणों को छुपाए नहीं और अपनी जांच अवश्य करवाएं।
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उपायुक्त ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से एक अतिरिक्त सीबीनॉट टीबी टेस्टिंग मशीन आरएच ऊना को उपलब्ध करवाई है। जिले में 17 क्षय रोगियों को प्रतिमाह 34,000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। राघव शर्मा ने रेडक्रॉस सोसायटी ऊना और इंडस्ट्री एसोसिएशन मैहतपुर के सहयोग से 10 टीबी मरीजों को हाईजीन और न्यूट्रीशन किटें प्रदान की।
इस अवसर स्टेट पैटर्न रेडक्रॉस सोसायटी सुरेंद्र ठाकुर, सीएमओ डॉ. मंजू बहल, एमएस डॉ. रमन शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय अत्री, प्रधान मैहतपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन सीएस कपूर और अन्य मौजूद रहे।