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Una News: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कारीगरों के 25 आवेदन सत्यापित
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उपायुक्त बोले-कारीगरों के सशक्तीकरण पर दिया जा रहा जोर
योजना में 18 पारंपरिक कारीगर समुदायों को किया गया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कारीगरों के 25 आवेदनों को सत्यापित कर अनुमोदन के लिए अग्रसारित किया गया है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिलास्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की और बताया कि इसमें योजना के तहत चरण-2 में सत्यापित किए गए कारीगरों के 25 आवेदनों को प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अब स्वीकृति प्रदान करने के लिए योजना के पोर्टल पर अग्रसारित किया गया है। बताया कि इस योजना में 18 पारंपरिक कारीगर समुदायों में बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई बनाने वाले, धोबी, दर्जी, मोची, नाई, खिलौना बनाने वाले शामिल हैं। उपायुक्त ने जिले के सभी पारंपरिक कारीगरों से आग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पोर्टल पर जल्द से जल्द पंजीकरण करवाएं और योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों का फायदा उठाएं। सत्यापन प्रक्रिया के पहले चरण में इच्छुक कारीगर को www.pmvishwakarma.gov.in आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसमें आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। दूसरे चरण में आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत और शहरी निकाय को भेजा जाता है। यहां निकाय कारीगर की पारंपरिक शिल्पकारी का भौतिक सत्यापन करता है। तीसरे चरण में स्थानीय निकाय की ओर से सत्यापित किए गए आवेदनों को जिलास्तरीय समिति के पास भेजा जाता है तथा उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति इन आवेदनों की समीक्षा करती है और स्वीकृति प्रदान करती है। चौथे चरण में स्वीकृत आवेदनों को योजना के पोर्टल पर अंतिम मंजूरी दी जाती है कारीगरों को प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी किए जाते हैं ताकि ऋण, प्रशिक्षण और औजारों की सहायता की प्रक्रिया शुरू होती है।
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योजना में 18 पारंपरिक कारीगर समुदायों को किया गया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कारीगरों के 25 आवेदनों को सत्यापित कर अनुमोदन के लिए अग्रसारित किया गया है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिलास्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की और बताया कि इसमें योजना के तहत चरण-2 में सत्यापित किए गए कारीगरों के 25 आवेदनों को प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अब स्वीकृति प्रदान करने के लिए योजना के पोर्टल पर अग्रसारित किया गया है। बताया कि इस योजना में 18 पारंपरिक कारीगर समुदायों में बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई बनाने वाले, धोबी, दर्जी, मोची, नाई, खिलौना बनाने वाले शामिल हैं। उपायुक्त ने जिले के सभी पारंपरिक कारीगरों से आग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पोर्टल पर जल्द से जल्द पंजीकरण करवाएं और योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों का फायदा उठाएं। सत्यापन प्रक्रिया के पहले चरण में इच्छुक कारीगर को www.pmvishwakarma.gov.in आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसमें आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। दूसरे चरण में आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत और शहरी निकाय को भेजा जाता है। यहां निकाय कारीगर की पारंपरिक शिल्पकारी का भौतिक सत्यापन करता है। तीसरे चरण में स्थानीय निकाय की ओर से सत्यापित किए गए आवेदनों को जिलास्तरीय समिति के पास भेजा जाता है तथा उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति इन आवेदनों की समीक्षा करती है और स्वीकृति प्रदान करती है। चौथे चरण में स्वीकृत आवेदनों को योजना के पोर्टल पर अंतिम मंजूरी दी जाती है कारीगरों को प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी किए जाते हैं ताकि ऋण, प्रशिक्षण और औजारों की सहायता की प्रक्रिया शुरू होती है।