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चौदह पेयजल परियोजनाओं में घटने लगा पानी

Sun, 15 Apr 2018 07:47 PM IST
Updated Sun, 15 Apr 2018 07:47 PM IST
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चौदह पेयजल परियोजनाओं में घटने लगा पानी
14 पेयजल परियोजनाओं में घटने लगा पानी
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नलों में पानी की सप्लाई का प्रेशर गिरा, तापमान में वृद्धि का पड़ने लगा असर
बढ़ सकती हैं आईपीएच की मुश्किलें, जल संकट से निपटने को विभाग तैयार : अशोक
अमन शर्मा
भरवाईं(ऊना)।
चिंतपूर्णी में बारिश होने के बावजूद सभी 14 पेयजल परियोजनाओं में पानी की कमी होने लगी है। हालांकि पिछले सप्ताह बारिश होने के बाद परंपरागत पेयजल स्रोत कुछ हद तक रिचार्ज हो गए थे लेकिन तापमान बढ़ते ही उठाऊ पेयजल परियोजनाएं हांफना शुरू हो गई हैं। फील्ड स्टाफ की कमी से पहले ही काम चलाऊ भूमिका में नजर आ रहे आईपीएच की मुश्किलें इन हालात में और भी बढ़ती नजर आ रही हैं। वहीं, विभाग का दावा है कि जल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए होमवर्क किया जा चुका है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक प्रबंधों से भी पानी की आपूर्ति की जाएगी। धार क्षेत्र के 20 से ज्यादा गांवों में आईपीएच विभाग उठाऊ पेयजल परियोजनाओं ने ही पेयजल की सप्लाई करता है। घंगरेट से लेकर चौआर तक पहले स्टोरेज टैंकों में पानी एकत्रित किया जाता है। इसके बाद भंडारण टैंकों के जरिये पेयजल को वितरित किया है। कुल चौदह उठाऊ पेयजल परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति की जा रही है। अब गर्मी बढ़ने के साथ इन परियोजनाओं में पानी की कमी दर्ज होती जा रही है।
नारी गांव के वार्ड एक व दो, जवाल के वार्ड तीन व पांच, बधमाणा की गुर्जर बस्ती, डूहल भटवालां और गिडपुर मलौण की बस्तियों में पेयजल ग्रामीणों को विभाग मुहैया तो करवाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पहले नलों में पानी की सप्लाई और प्रेशर ज्यादा होता था, अब इसमें कमी हो रही है।
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आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि जहां भी पेयजल किल्लत की शिकायत आती है, समाधान तुरंत किया जाता है। अगर बारिश हो जाए तो फिर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं रहेगी। विभाग संभावित पेयजल की कमी के समाधान के लिए कमर कस चुका है। परियोजनाओं में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त लिफ्टिंग सिस्टम लगा सकता है। कर्मचारियों की कमी तो है लेकिन समस्या से निपटने के लिए कई स्कीमें आउटसोर्स की गइ हैं।
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