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भूकंप आते ही डेस्क के नीचे छिप गए विद्यार्थी
Updated Thu, 08 Feb 2018 10:35 PM IST
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mock drill
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
जिला में भूकंप आपदा को लेकर मेगा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिला ऊना में भूकंप के बाद विभिन्न तरह के बचाव और राहत कार्यों के बारे में अभ्यास किया गया। इस मेगा मॉकड्रिल में ऊना के विभिन्न विभागों के साथ-साथ एनडीआरएफ, पुलिस, होमगॉर्ड, एनसीसी और एनएसएस वालंटियरों ने राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ भाग लिया। इस पूरे मॉकड्रिल को उपायुक्त विकास लाबरू की निगरानी में आयोजित किया गया।
इस मेगा मॉकड्रिल के लिए जिला ऊना में पांच स्थानों लोक निर्माण विभाग का अधीक्षण अभियंता कार्यालय, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल, डिग्री कॉलेज ऊना का हॉस्टल, डीसी कॉलोनी और इंडियन ऑयल का मैहतपुर स्थित परिसर में आपदा संबंधी मेगा मॉकड्रिल के लिए विशेषतौर पर चिन्हित किया गया था। राहत और बचाव कार्यों का संचालन स्टेजिंग क्षेत्र इंदिरा गांधी खेल स्टेडियम से किया गया। विभिन्न प्रभावित स्थानों के लिए राहत और बचाव टीमों के साथ-साथ एंबुलेंस भेजी गई। भूकंप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चिकित्सीय उपचार दिया गया। वहीं गंभीर तौर पर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
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प्रभावित लोगों को इंदिरा स्टेडियम में राहत शिविर लगाए गए और प्रशासन ने रहने और खाने पीने की व्यवस्था की। उपायुक्त ने बताया कि भूकंप आपदा की मेगा मॉकड्रिल को जिला के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों, आईटीआई, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों सहित सभी सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर पंचायत कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों के स्थानीय शहरी नगर निकायों के कार्यालयों में भी एक साथ अभ्यास किया गया।
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उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा के आने का कोई स्थान और समय निर्धारित नहीं है लेकिन आपदा को लेकर पूर्व तैयारी और अभ्यास से जान-माल के नुकसान को जरूर कम किया जा सकता है। इंसिडेंट रिस्पांस टीम की प्रमुख एवं अतिरिक्त उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने सभी विभागों से इस तरह की किसी भी आपदा के दौरान अपनी जिम्मेदारी समझ प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी निर्देश तुरंत राहत और बचाव कार्यों के लिए पहुंचने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसी की आपदा की दृष्टि से इंदिरा खेल मैदान स्टेजिंग के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित स्थान हैं। यहां से सभी तरह के राहत और बचाव कार्यों का बेहतर संचालन हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आपदाओं के प्रति हमेशा तैयार रहना चाहिए और मेगा मॉकड्रिल में अभ्यास के दौरान उजागर कमियों को ठीक कर भविष्य में बेहतर राहत और बचाव कार्यों के संचालन का प्रयास करने का आह्वान किया।