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ठेके के विरोध में लामबंद हुए ग्रामीण
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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जोल (ऊना)।
उप तहसील जोल के अंतर्गत चौली पंचायत के गांव भिंडला मे खोले गए शराब के ठेके के विरोध में ग्रामीण लामबंद हुए हैं। ग्रामीणों ने विभाग से खोले गए ठेके को तुरंत बंद करने की मांग की है। पंचायत प्रधान चौली सुदेश कुमारी और उपप्रधान कुलदीप सिंह ने कहा कि गांव में ठेका खोलने के बारे में पंचायत को कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंचायत की मंजूरी के बिना ही ठेका खोला गया है जबकि पहले इस बारे में पंचायत से एनओसी ली जाती रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायत की मंजूरी के बिना ठेका खोला गया है जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के सभी सदस्य और बुद्धिजीवी लोगों ने प्रशासन और विभाग को चेताते हुए कहा कि अगर ठेके को तुरंत बंद नहीं किया तो लोग सड़कों पर उतर कर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। वहीं पूर्व प्रधान सुखदेव सिंह ने बताया कि ठेके साथ ही सरकारी राशन डिपो है जहां महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है।
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वहीं ठेके से कुछ ही दूरी पर आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल है। उन्होंने कहा कि ठेके को आबादी के बीचोबीच खोला गया है जो सरासर गलत है। सोहारी बाजार में खोले गए ठेके का विवाद थमा भी नहीं था कि अब भिंडला में खोले गए ठेके का विरोध शुरू हो गया है। सोहारी में भी बीच बाजार ठेका खुलने का ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का तर्क है कि स्कूल के में गेट से इसकी दूरी 50 मीटर भी नहीं हैं। लोगों के विरोध के बावजूद और आश्वासन के बावजूद आज तक ठेके को हटाया नहीं गया है।
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ईटीओ अनिल कुमार का कहना है कि मौके पर जाकर निरीक्षण के बाद इसे बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोहारी का ठेका स्कूल के 100 मीटर के दायरे में आता होगा तो इसे निश्चित रूप से बदला जाएगा। पंचायत से एनओसी के बारे में उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी में इसकी अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।