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मापदंड पूरा न करने वाली स्कूली बसें होंगी जब्त
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। मापदंड पूरा न करने वाली बसों के अब चालान नहीं काटे जाएंगे, बल्कि उन्हें जब्त ही कर लिया जाएगा। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने 30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि स्कूली बसों की जांच का काम डेढ़ महीने में पूरा कर लिया जाएगा। अरिंदम ने कहा कि स्कूल बसें ही नहीं, विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाली टैक्सियों की भी जांच की जाएगी। मापदंड पूरा न करने वाले वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी स्कूलों से काम में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्देश न मानने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीसी ने कहा कि स्कूली छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाना प्राथमिकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने चालकों से सड़क पर जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में मृत्यु दर पूरे देश की तुलना में दोगुना है। यह चिंतनीय है। दुर्घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार दोपहिया वाहन सवार होते हैं। उन्होंने कहा कि कई हादसों का कारण गड्ढे और अन्य हालात रहते हैं, लेकिन लगभग 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय गलतियों से होती हैं। कार्यक्रम में आरटीओ ओम प्रकाश पुरी, अधीक्षक अशोक कुमार, रोड सेफ्टी क्लब के अध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, रेडक्रॉस राज्य प्रबंधन कमेटी के सदस्य सुरेंद्र ठाकुर, शिव मैहन, सुखविंद्र सांगरा, विभागों के अधिकारी और आईटीआई के छात्र शामिल हुए। 30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 4 से 10 फरवरी तक मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत वाहन चालकों को कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
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चालान कम काटें, जागरूक करें
सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वह चालान पर ज्यादा जोर न दें, क्योंकि चालान समस्या का पूरा समाधान नहीं है, बल्कि नियम तोड़ने वालों को जागरूक करें। उन्हें सड़क के नियम न मानने के परिणामों से अवगत कराएं। उन्होंने बार-बार नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश भी दिए।
ड्राइविंग टेस्ट नहीं दिया, इसलिए लाइसेंस भी नहीं
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जब तक सही तरीके से ड्राइविंग सीख न लें, तब तक सड़क पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके पास भी लाइसेंस नहीं है क्योंकि अभी तक उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट नहीं दिया है। उन्होंने अपील की कि पहले सरकार से पंजीकृत किसी संस्थान से ड्राइविंग सीखें, पूरा आत्मविश्वास आने के बाद लाइसेंस का टेस्ट दें और उसके बाद ही सड़क पर गाड़ी लेकर निकलें। एडीसी ने कहा कि आम लोगों की भागीदारी के बिना सड़क हादसे नहीं रुक सकते। सड़क पर आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है।
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ऊना। मापदंड पूरा न करने वाली बसों के अब चालान नहीं काटे जाएंगे, बल्कि उन्हें जब्त ही कर लिया जाएगा। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने 30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि स्कूली बसों की जांच का काम डेढ़ महीने में पूरा कर लिया जाएगा। अरिंदम ने कहा कि स्कूल बसें ही नहीं, विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाली टैक्सियों की भी जांच की जाएगी। मापदंड पूरा न करने वाले वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी स्कूलों से काम में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्देश न मानने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीसी ने कहा कि स्कूली छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाना प्राथमिकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने चालकों से सड़क पर जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में मृत्यु दर पूरे देश की तुलना में दोगुना है। यह चिंतनीय है। दुर्घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार दोपहिया वाहन सवार होते हैं। उन्होंने कहा कि कई हादसों का कारण गड्ढे और अन्य हालात रहते हैं, लेकिन लगभग 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय गलतियों से होती हैं। कार्यक्रम में आरटीओ ओम प्रकाश पुरी, अधीक्षक अशोक कुमार, रोड सेफ्टी क्लब के अध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, रेडक्रॉस राज्य प्रबंधन कमेटी के सदस्य सुरेंद्र ठाकुर, शिव मैहन, सुखविंद्र सांगरा, विभागों के अधिकारी और आईटीआई के छात्र शामिल हुए। 30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 4 से 10 फरवरी तक मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत वाहन चालकों को कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
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चालान कम काटें, जागरूक करें
सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वह चालान पर ज्यादा जोर न दें, क्योंकि चालान समस्या का पूरा समाधान नहीं है, बल्कि नियम तोड़ने वालों को जागरूक करें। उन्हें सड़क के नियम न मानने के परिणामों से अवगत कराएं। उन्होंने बार-बार नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश भी दिए।
ड्राइविंग टेस्ट नहीं दिया, इसलिए लाइसेंस भी नहीं
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जब तक सही तरीके से ड्राइविंग सीख न लें, तब तक सड़क पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके पास भी लाइसेंस नहीं है क्योंकि अभी तक उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट नहीं दिया है। उन्होंने अपील की कि पहले सरकार से पंजीकृत किसी संस्थान से ड्राइविंग सीखें, पूरा आत्मविश्वास आने के बाद लाइसेंस का टेस्ट दें और उसके बाद ही सड़क पर गाड़ी लेकर निकलें। एडीसी ने कहा कि आम लोगों की भागीदारी के बिना सड़क हादसे नहीं रुक सकते। सड़क पर आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है।