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शिवानी को मदद न मिली तो धरने पर बैठ जाएंगे
Updated Sun, 08 Apr 2018 07:28 PM IST
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शिवानी को मदद न मिली तो धरने का एलान
समाजसेवी संजय शर्मा का ऊना प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम, कहा- बीटिया नहीं बल्कि सिस्टम बीमार
पीजीआई में इलाज पर खर्च होंगे पांच लाख, विस अध्यक्ष ने पांच हजार देकर की रस्म अदायगी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
सिर में चोट की वजह से शारीरिक रूप से लाचार हो चुकी ईसपुर की 13 साल की शिवानी जीना चाहती है। वह हरेक की तरफ उम्मीद भरी नजर से देखते हुए हाथ जोड़ती है। हालांकि प्रशासन और सरकार के लिए इस बिटिया की जिंदगी शायद कोई मायने नहीं रखती। इसलिए मदद के बहाने उससे उसकी पहचान मांगी जा रही है। यहां तक कि प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी अपने दौरे में पिछले दिनों इस बेटी की मदद के लिए पांच हजार रुपये देकर जिम्मेदारी निभाई। परिजनों का आरोप है कि विस अध्यक्ष ने जल्द पीजीआई में बेटी के इलाज को लेकर व्यवस्था करने का वादा किया था। लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई सकारात्मक जबाव नहीं मिला। मूल तौर पर ईसपुर निवासी गुरमीत और कुशला देवी की बेटी शिवानी के इलाज और मदद को लेकर धर्मशाला के समाजसेवी संजय शर्मा ने अब डीसी कार्यालय के बाहर धरना देने का एलान किया है। संजय शर्मा रविवार को शिवानी को ऊना लेकर आए और उन्होंने प्रशासन और सरकार की बेटियों के प्रति बेरुखी बयान कर कहा कि यह बिटिया लाचार नहीं बल्कि हमारा सरकारी सिस्टम ही बीमार हो गया है। उन्होंने कहा कि बेटी जीना चाहती है और उसके इलाज के लिए डॉक्टरों ने पीजीआई में सर्जरी का सुझाव दिया है। इस पर करीब पांच लाख खर्च होंगे। संजय शर्मा और शिवानी के परिजनों ने प्रदेश के लोगों से आग्रह किया कि वे इस बिटिया की मदद के लिए आगे आएं ताकि इलाज करवाया जा सके।
शिवानी जब तीन वर्ष की थी तो उसके सिर में गहरी चोट लग गई जिसकी वजह से उसके सिर के एक हिस्से में पानी भरना शुरू हो गया। इस वजह से शिवानी के सिर का आकार बढ़ने लगा जबकि शरीर का विकास पूरी तरह नहीं हो पाया। वहीं, संजय शर्मा ने कहा कि अगर प्रशासन इस बेटी के इलाज को लेकर 10 दिन के भीतर कोई व्यवस्था नहीं करता है तो वह ग्यारहवें दिन डीसी ऑफिस के बाहर धरना देंगे।
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समाजसेवी संजय शर्मा का ऊना प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम, कहा- बीटिया नहीं बल्कि सिस्टम बीमार
पीजीआई में इलाज पर खर्च होंगे पांच लाख, विस अध्यक्ष ने पांच हजार देकर की रस्म अदायगी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
सिर में चोट की वजह से शारीरिक रूप से लाचार हो चुकी ईसपुर की 13 साल की शिवानी जीना चाहती है। वह हरेक की तरफ उम्मीद भरी नजर से देखते हुए हाथ जोड़ती है। हालांकि प्रशासन और सरकार के लिए इस बिटिया की जिंदगी शायद कोई मायने नहीं रखती। इसलिए मदद के बहाने उससे उसकी पहचान मांगी जा रही है। यहां तक कि प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी अपने दौरे में पिछले दिनों इस बेटी की मदद के लिए पांच हजार रुपये देकर जिम्मेदारी निभाई। परिजनों का आरोप है कि विस अध्यक्ष ने जल्द पीजीआई में बेटी के इलाज को लेकर व्यवस्था करने का वादा किया था। लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई सकारात्मक जबाव नहीं मिला। मूल तौर पर ईसपुर निवासी गुरमीत और कुशला देवी की बेटी शिवानी के इलाज और मदद को लेकर धर्मशाला के समाजसेवी संजय शर्मा ने अब डीसी कार्यालय के बाहर धरना देने का एलान किया है। संजय शर्मा रविवार को शिवानी को ऊना लेकर आए और उन्होंने प्रशासन और सरकार की बेटियों के प्रति बेरुखी बयान कर कहा कि यह बिटिया लाचार नहीं बल्कि हमारा सरकारी सिस्टम ही बीमार हो गया है। उन्होंने कहा कि बेटी जीना चाहती है और उसके इलाज के लिए डॉक्टरों ने पीजीआई में सर्जरी का सुझाव दिया है। इस पर करीब पांच लाख खर्च होंगे। संजय शर्मा और शिवानी के परिजनों ने प्रदेश के लोगों से आग्रह किया कि वे इस बिटिया की मदद के लिए आगे आएं ताकि इलाज करवाया जा सके।
शिवानी जब तीन वर्ष की थी तो उसके सिर में गहरी चोट लग गई जिसकी वजह से उसके सिर के एक हिस्से में पानी भरना शुरू हो गया। इस वजह से शिवानी के सिर का आकार बढ़ने लगा जबकि शरीर का विकास पूरी तरह नहीं हो पाया। वहीं, संजय शर्मा ने कहा कि अगर प्रशासन इस बेटी के इलाज को लेकर 10 दिन के भीतर कोई व्यवस्था नहीं करता है तो वह ग्यारहवें दिन डीसी ऑफिस के बाहर धरना देंगे।
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