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पीएचसी शीतला में स्टाफ की कमी
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरवाईं (ऊना)। प्रदेश सरकार द्वारा जनता को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दावे हकीकत में साकार होते नहीं नजर आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शीतला सरकार की इस योजना की पोल खोलता नजर आ रहा है।
यह स्वास्थ्य केंद्र कांगड़ा और ऊना जिले की सीमा पर है। धर्मसाल महंता की प्रधान गुरमीत कौर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के तहत ग्राम पंचायत धर्मसाल महंता खास, धर्मसाल महंता, भटेड़, खरोह, गिंदपुर, घंघरेट, टिप्परी, न्याड़ पंचायत के लगभग चार पांच हजार लोग निर्भर हैं। प्रधान ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र एक फार्मासिस्ट और एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है। इस कारण इलाज के लिए आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जब चिंतपूर्णी प्रवास पर आए तो जनता की गुहार पर उन्होंने इस स्वास्थ्य केंद्र को दस बिस्तर करने की घोषणा की थी।
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धान गुरमीत कौर ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से मांग की है कि शीतला के स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। इसे दस बिस्तर का शीघ्र किया जाए। प्रधान ने बताया कि धर्मसाल महंता खास पंचायत के वार्ड नंबर एक में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोलने के दावे भी सरकार के हवा-हवाई ही साबित हुए हैं।
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