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बारिश ने खोली जिला अस्पताल की पोल
Updated Thu, 28 Jun 2018 04:56 PM IST
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टपक रही जिला अस्पताल की छत
बारिश ने खोली पोल, मरीजों-तीमारदारों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना
होमगार्ड जवानों को नहीं मिल रही बैठने की जगह, बारिश ने बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। बरसात की पहली बारिश ने जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। जिला अस्पताल में बारिश के पानी की उचित निकासी न होने से छतों से पानी टपक रहा है। दूसरी ओर कई वार्डों में पेयजल किल्लत ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। अस्पताल में मरीजों-तीमारदारों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। वीरवार को अस्पताल में मरीज और तीमारदार पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अस्पताल के शौचालयों में भी गंदगी पसरी है। बिना पानी के सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर जो कक्ष होमगार्ड जवानों के बैठने के लिए बनाया है, उसकी छत से पानी ऐसे रहा था कि मानों आसमान से बारिश हो रही हो। बारिश का पानी कक्ष में एकत्रित हो गया जिसे कड़ी मशक्कत कर निकाला गया। होमगार्ड जवानों को बैठने के लिए जगह नहीं बची। मुख्य प्रवेश द्वार की छत से भी मरीजों और लोगों का स्वागत बारिश के पानी से हो रहा है। लोग छाता लेकर अस्पताल में प्रवेश कर रहे हैं। इस तरफ अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। वहीं विभिन्न वार्डों में पेयजल किल्लत का सामना पिछले दो-तीन दिनों से करना पड़ रहा है। कुछ तीमारदार तो बारिश के पानी से ही बर्तनों को साफ करते दिखे तो कुछ पानी की बोतलों में पानी भरकर किसी तरह बर्तन साफ करने के जुगाड़ में लगे दिखे। लोगों की मानें तो अस्पताल प्रशासन आंखें मूंद कर सोया हुआ है।
सीएमओ ऊना डॉ. निखिल ने कहा कि मामले पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को अस्पताल में किसी तरह की परेशानी पेश न आए, इसके लिए अस्पताल प्रशासन प्रयासरत है।
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बारिश ने खोली पोल, मरीजों-तीमारदारों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना
होमगार्ड जवानों को नहीं मिल रही बैठने की जगह, बारिश ने बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। बरसात की पहली बारिश ने जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। जिला अस्पताल में बारिश के पानी की उचित निकासी न होने से छतों से पानी टपक रहा है। दूसरी ओर कई वार्डों में पेयजल किल्लत ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। अस्पताल में मरीजों-तीमारदारों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। वीरवार को अस्पताल में मरीज और तीमारदार पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अस्पताल के शौचालयों में भी गंदगी पसरी है। बिना पानी के सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर जो कक्ष होमगार्ड जवानों के बैठने के लिए बनाया है, उसकी छत से पानी ऐसे रहा था कि मानों आसमान से बारिश हो रही हो। बारिश का पानी कक्ष में एकत्रित हो गया जिसे कड़ी मशक्कत कर निकाला गया। होमगार्ड जवानों को बैठने के लिए जगह नहीं बची। मुख्य प्रवेश द्वार की छत से भी मरीजों और लोगों का स्वागत बारिश के पानी से हो रहा है। लोग छाता लेकर अस्पताल में प्रवेश कर रहे हैं। इस तरफ अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। वहीं विभिन्न वार्डों में पेयजल किल्लत का सामना पिछले दो-तीन दिनों से करना पड़ रहा है। कुछ तीमारदार तो बारिश के पानी से ही बर्तनों को साफ करते दिखे तो कुछ पानी की बोतलों में पानी भरकर किसी तरह बर्तन साफ करने के जुगाड़ में लगे दिखे। लोगों की मानें तो अस्पताल प्रशासन आंखें मूंद कर सोया हुआ है।
सीएमओ ऊना डॉ. निखिल ने कहा कि मामले पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को अस्पताल में किसी तरह की परेशानी पेश न आए, इसके लिए अस्पताल प्रशासन प्रयासरत है।
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