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लंपी संक्रमण के 187 नए मामले, 14 पशुओं की मौत
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ऊना में लंपी संक्रमण से ग्रसित गाय की जांच करते पशुपालन विभाग सहायक निदेशक डा. राजीव वालिया। संवा
- फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में लंपी संक्रमण के मामले घटने से पशुपालकों व पशुपालन विभाग ने राहत की सांस ली है। सोमवार को संक्रमण के 187 नए मामले सामने आए हैं और 14 पशुओं की मौत हो गई। हालांकि क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति को भांपने के लिए एक सप्ताह तक का इंतजार करना होगा।
जानकारी के अनुसार लंपी संक्रमण के नए मामलों में सबसे अधिक कमी ऊना क्षेत्र में दर्ज की गई है। अभी तक संक्रमण के कुल 6,653 मामले सामने आए हैं। इनमें से 1,760 पशु संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं और 4,631 पशुओं का उपचार चल रहा है। इसके अलावा कुल 262 पशुओं की मौत हो चुकी है। पहले जहां एक दिन में संक्रमण के मामले 500 से अधिक दर्ज किए जा रहे थे। वहीं, पिछले तीन दिनों में मामलों में 100 से 300 तक की कमी दर्ज की गई है।
बताया जा रहा है कि पशुपालकों में पहले के मुकाबले संक्रमण की रोकथाम को लेकर जागरूकता आई है। पहले जहां लोग अपने स्तर पर ही पशुओं का इलाज करवा रहे थे। अब संक्रमण के लक्षण होने पर पशुपालन विभाग से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा पशुपालन विभाग की टीम भी अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। इसके अलावा घरेलू उपचार के बारे में भी पशुपालकों को बताया जा रहा है।
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पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक राजीव वालिया ने बताया कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं। यही कारण है कि संक्रमण कम हो रहा है। हालांकि स्थिति के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी एक सप्ताह तक आने वाले मामलों पर नजर रखनी होगी।
लंपी रोग की रोकथाम के लिए जागरूकता आवश्यक है। साफ-सफाई के साथ चिकित्सकों के परामर्श से पशुओं की कीमती जान बचाई जा सकती है। पशुपालन विभाग की टीम संक्रमण की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर कार्य में जुटी हुई है।
-जय सिंह सेन, उपनिदेशक, जिला पशुपालन विभाग
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ऊना। जिले में लंपी संक्रमण के मामले घटने से पशुपालकों व पशुपालन विभाग ने राहत की सांस ली है। सोमवार को संक्रमण के 187 नए मामले सामने आए हैं और 14 पशुओं की मौत हो गई। हालांकि क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति को भांपने के लिए एक सप्ताह तक का इंतजार करना होगा।
जानकारी के अनुसार लंपी संक्रमण के नए मामलों में सबसे अधिक कमी ऊना क्षेत्र में दर्ज की गई है। अभी तक संक्रमण के कुल 6,653 मामले सामने आए हैं। इनमें से 1,760 पशु संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं और 4,631 पशुओं का उपचार चल रहा है। इसके अलावा कुल 262 पशुओं की मौत हो चुकी है। पहले जहां एक दिन में संक्रमण के मामले 500 से अधिक दर्ज किए जा रहे थे। वहीं, पिछले तीन दिनों में मामलों में 100 से 300 तक की कमी दर्ज की गई है।
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बताया जा रहा है कि पशुपालकों में पहले के मुकाबले संक्रमण की रोकथाम को लेकर जागरूकता आई है। पहले जहां लोग अपने स्तर पर ही पशुओं का इलाज करवा रहे थे। अब संक्रमण के लक्षण होने पर पशुपालन विभाग से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा पशुपालन विभाग की टीम भी अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। इसके अलावा घरेलू उपचार के बारे में भी पशुपालकों को बताया जा रहा है।
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पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक राजीव वालिया ने बताया कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं। यही कारण है कि संक्रमण कम हो रहा है। हालांकि स्थिति के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी एक सप्ताह तक आने वाले मामलों पर नजर रखनी होगी।
लंपी रोग की रोकथाम के लिए जागरूकता आवश्यक है। साफ-सफाई के साथ चिकित्सकों के परामर्श से पशुओं की कीमती जान बचाई जा सकती है। पशुपालन विभाग की टीम संक्रमण की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर कार्य में जुटी हुई है।
-जय सिंह सेन, उपनिदेशक, जिला पशुपालन विभाग