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आसमान से बरस रही आग, बाजारों में सन्नाटा
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अमर उजाला ब्यूरो
थानाकलां (ऊना)। जिले ऊना और समीपवर्ती इलाकों में भीषण गर्मी से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। इलाके के बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। दोपहर को दो बजे सिर्फ स्कूल के बच्चे ही घर जाते दिखाई देते हैं। लोग घरों में ही दुबक गए हैं जिससे व्यापारियों को भी मंदे की मार झेलनी पड़ रही है।
बुद्धिजीवियों का आरोप है कि सभी लोगों और शिक्षकों ने जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में किए गए बदलाव को गलत ठहराया था। शिक्षक संघों और अभिभावकों के विरोध को भी दरकिनार करते हुए प्रशासन ने समय सारिणी को बदला। प्राथमिक पाठशालाओं में 7:30 से 12 बजे और सेकेंडरी में 10 से चार वाली समय को लागू करने की मांग की जा रही है। लोगों में प्रशासन और प्रदेश सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि अन्य राज्यों में 45 डिग्री तापमान पर स्कूलों में छुट्टियां कर दी जाती हैं लेकिन हिमाचल में ऐसा नहीं हो रहा है।
क्षेत्र के देहाती गांवों के बच्चे तीन से पांच किलोमीटर का सफर चिलचिलाती धूप में करने को विवश हैं लेकिन बेपरवाह प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हैं। किसानों ने भी आसमान की ओर टक-टकी लगा दी है कि इंद्र देव कब बरसते हैं। क्षेत्र में ठंडे पानी की छवीलें लगा कर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई जा रही है। स्वास्थय विभाग के बीएमओ एनके आंगरा ने बताया कि ऐसे मौसम में अधिक देर तक धूप में न रहे।
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अगर धूप में निकलना भी है तो सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह बंाध लें। नरम व मुलायम सूती कपड़े पहनें और पानी अधिक पीएं। अधिक पसीना आने पर ओआरएसघोल पिएं। चक्कर व मिताली आने पर छायादार स्थान पर लेट जाएं। उन्होंने कहा कि उल्टी, बुखार व सरदर्द की स्थिती में निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
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थानाकलां (ऊना)। जिले ऊना और समीपवर्ती इलाकों में भीषण गर्मी से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। इलाके के बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। दोपहर को दो बजे सिर्फ स्कूल के बच्चे ही घर जाते दिखाई देते हैं। लोग घरों में ही दुबक गए हैं जिससे व्यापारियों को भी मंदे की मार झेलनी पड़ रही है।
बुद्धिजीवियों का आरोप है कि सभी लोगों और शिक्षकों ने जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में किए गए बदलाव को गलत ठहराया था। शिक्षक संघों और अभिभावकों के विरोध को भी दरकिनार करते हुए प्रशासन ने समय सारिणी को बदला। प्राथमिक पाठशालाओं में 7:30 से 12 बजे और सेकेंडरी में 10 से चार वाली समय को लागू करने की मांग की जा रही है। लोगों में प्रशासन और प्रदेश सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि अन्य राज्यों में 45 डिग्री तापमान पर स्कूलों में छुट्टियां कर दी जाती हैं लेकिन हिमाचल में ऐसा नहीं हो रहा है।
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क्षेत्र के देहाती गांवों के बच्चे तीन से पांच किलोमीटर का सफर चिलचिलाती धूप में करने को विवश हैं लेकिन बेपरवाह प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हैं। किसानों ने भी आसमान की ओर टक-टकी लगा दी है कि इंद्र देव कब बरसते हैं। क्षेत्र में ठंडे पानी की छवीलें लगा कर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई जा रही है। स्वास्थय विभाग के बीएमओ एनके आंगरा ने बताया कि ऐसे मौसम में अधिक देर तक धूप में न रहे।
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अगर धूप में निकलना भी है तो सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह बंाध लें। नरम व मुलायम सूती कपड़े पहनें और पानी अधिक पीएं। अधिक पसीना आने पर ओआरएसघोल पिएं। चक्कर व मिताली आने पर छायादार स्थान पर लेट जाएं। उन्होंने कहा कि उल्टी, बुखार व सरदर्द की स्थिती में निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।