{"_id":"5b34c5c94f1c1bf66e8ba8a8","slug":"151530185161-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक बलबीर ने कबीर भवन का किया शिलान्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक बलबीर ने कबीर भवन का किया शिलान्यास
Updated Thu, 28 Jun 2018 04:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयंती पर कबीर भवन का किया शिलान्यास
भद्रकाली-अभयपुर में कार्यक्रम, विधायक बलबीर चौधरी रहे मौजूद
कबीरपंथी समाज ने किया विधायक का स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
दौलतपुर चौक(ऊना)। भद्रकाली-अभयपुर गांव में कबीर पंथी समाज सुधार सभा ब्लॉक गगरेट ने संत कबीर साहिब की 620वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में चिंतपूर्णी के विधायक बलबीर सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। फूल मालाओं से कबीरपंथी समाज ने उनका स्वागत किया। विधायक बलबीर सिंह और अभयपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान शाम लाल की अगुवाई में हवन डालकर पूजा-अर्चना के साथ कबीर भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर उनके साथ भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील कालिया, जिला महासचिव विजय चौधरी, वक्फ बोर्ड के सदस्य गुलाम मोहम्मद, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष राममूर्ति शर्मा, अभयपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान शाम लाल, कर्नल जोगिंद्र पाल शर्मा, डॉ. राज कुमार संदल, युवा नेता सुमित सिंह विक्की, सभा प्रधान सुरेंद्र कुमार, उपप्रधान राज कुमार, रत्न चंद, सुखदेव, ओम प्रकाश, देवराज, बुद्धदेव उपस्थित रहे। इस अवसर पर भंडारा भी लगाया गया।
संत कबीर आज के दौर में भी प्रासंगिक : सुशील
दौलतपुर चौक (ऊना)। भाजपा नेता सुशील कालिया ने कहा कि संत कबीर आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि संत कबीर ने मध्यकाल में जो बाते कहीं, 21वीं सदी में भी ऐसी लगती हैं, जैसे उन्होंने आज के बारे में ही लिखी हों। कबीर एक मानवता के पक्षधर हैं, वे जीव हत्या का विरोध करते हैं। कबीर धर्म के विरोध में नहीं बल्कि धर्म के नाम पर होने वाले पाखंड के विरोध में खड़े हैं। वे जात-पात का विरोध करते हैं।
कबीर साहब कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे: बलबीर विधायक बलबीर सिंह चौधरी ने महान संत कबीर साहिब की 620 जयंती पर कहा कि हमें कबीर साहिब की सादगी और मानवता के प्रति प्रेम से भरे जीवन से शिक्षा लेने की जरूरत है। बलबीर ने कहा कि कबीर साहिब ने मानवता का संदेश देते हुए भक्ति की अलख को देश के विभिन्न हिस्सों में घूमकर जगाया। इसलिए आज भी लोग उनके पद गुनगुनाते हैं। उन्होंने कहा कि कबीरदास इकलौते ऐसे संत हैं जो आजीवन आडंबरों पर कुठाराघात करते रहे। उन्होंने बताया कि महान संत कबीर साहब कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे और इसकी झलक उनकी रचनाओं में साफ झलकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भद्रकाली-अभयपुर में कार्यक्रम, विधायक बलबीर चौधरी रहे मौजूद
कबीरपंथी समाज ने किया विधायक का स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
दौलतपुर चौक(ऊना)। भद्रकाली-अभयपुर गांव में कबीर पंथी समाज सुधार सभा ब्लॉक गगरेट ने संत कबीर साहिब की 620वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में चिंतपूर्णी के विधायक बलबीर सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। फूल मालाओं से कबीरपंथी समाज ने उनका स्वागत किया। विधायक बलबीर सिंह और अभयपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान शाम लाल की अगुवाई में हवन डालकर पूजा-अर्चना के साथ कबीर भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर उनके साथ भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील कालिया, जिला महासचिव विजय चौधरी, वक्फ बोर्ड के सदस्य गुलाम मोहम्मद, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष राममूर्ति शर्मा, अभयपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान शाम लाल, कर्नल जोगिंद्र पाल शर्मा, डॉ. राज कुमार संदल, युवा नेता सुमित सिंह विक्की, सभा प्रधान सुरेंद्र कुमार, उपप्रधान राज कुमार, रत्न चंद, सुखदेव, ओम प्रकाश, देवराज, बुद्धदेव उपस्थित रहे। इस अवसर पर भंडारा भी लगाया गया।
संत कबीर आज के दौर में भी प्रासंगिक : सुशील
दौलतपुर चौक (ऊना)। भाजपा नेता सुशील कालिया ने कहा कि संत कबीर आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि संत कबीर ने मध्यकाल में जो बाते कहीं, 21वीं सदी में भी ऐसी लगती हैं, जैसे उन्होंने आज के बारे में ही लिखी हों। कबीर एक मानवता के पक्षधर हैं, वे जीव हत्या का विरोध करते हैं। कबीर धर्म के विरोध में नहीं बल्कि धर्म के नाम पर होने वाले पाखंड के विरोध में खड़े हैं। वे जात-पात का विरोध करते हैं।
विज्ञापन
कबीर साहब कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे: बलबीर विधायक बलबीर सिंह चौधरी ने महान संत कबीर साहिब की 620 जयंती पर कहा कि हमें कबीर साहिब की सादगी और मानवता के प्रति प्रेम से भरे जीवन से शिक्षा लेने की जरूरत है। बलबीर ने कहा कि कबीर साहिब ने मानवता का संदेश देते हुए भक्ति की अलख को देश के विभिन्न हिस्सों में घूमकर जगाया। इसलिए आज भी लोग उनके पद गुनगुनाते हैं। उन्होंने कहा कि कबीरदास इकलौते ऐसे संत हैं जो आजीवन आडंबरों पर कुठाराघात करते रहे। उन्होंने बताया कि महान संत कबीर साहब कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे और इसकी झलक उनकी रचनाओं में साफ झलकती है।
विज्ञापन