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जल्द शुरू होगा चाइल्ड हेल्पलाइन 109
Updated Mon, 21 May 2018 06:52 PM IST
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जल्द शुरू होगा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098
जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में बोले उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि ऊना में जन साधारण के लिए किसी भी संस्थान में कार्यरत बाल एवं किशोर श्रमिक से संबंधित तत्काल सूचना के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उपायुक्त सोमवार को बाल व किशोर श्रम (निषेध व विनियमन) अधिनियम के तहत गठित जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में बाल श्रम से छुड़ाए बच्चों के पुनर्वास के लिए बाल या बालिका आश्रम बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिला कामगारों की सुविधा के लिए छोटे बच्चों की देखभाल के लिए क्रैच बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने श्रम अधिकारियों को जिला के उन सभी अधिकारियों की सूची तैयार कर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जिन्हें निरीक्षण की शक्तियां दी गई हैं। उन्होने ऐसे सभी अधिकारियों को माह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला इस कानून के बारे में व्यापक जागरूकता लाने के लिए कार्यशाला भी की जाएगी।
अवहेलना पर छह माह से दो साल का कारावास
उपायुक्त ने बताया कि बाल व किशोर श्रम (निषेध व विनियमन) अधिनियम-1986 के तहत नियमों की अवहेलना पर नियोक्ता को छह महीने व अधिकतम दो वर्ष के कारावास या दोनों सजाएं हो सकती हैं। कम से कम 20 हजार रुपये जुर्माना से अधिकतम 50 हजार तक किया जा सकता है। 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिक को चाय की दुकान, ढाबा, होटल, सड़क किनारे खाने-पीने वाले व्यवसायों में, घरेलू नौकरी की श्रेणी मेें रखना अपराध है। 14 से 18 वर्ष आयु के श्रमिक जो खतरनाक व जोखिम भरे 16 व्यवसायों व 65 प्रक्रियाओं में कार्य करवाना निषेध है। इनमें ऑटो मोबाइल, गैरेज, हथकरघा उद्योग, बीड़ी बनाना, गलीचा बनाना इत्यादि शामिल है। जिला में बाल-बालिका सुरक्षा योजना के अंतर्गत फोस्टर केयर सर्विस के तहत 157 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। बच्चों के संरक्षकों को हर माह 2300 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में बोले उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि ऊना में जन साधारण के लिए किसी भी संस्थान में कार्यरत बाल एवं किशोर श्रमिक से संबंधित तत्काल सूचना के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उपायुक्त सोमवार को बाल व किशोर श्रम (निषेध व विनियमन) अधिनियम के तहत गठित जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में बाल श्रम से छुड़ाए बच्चों के पुनर्वास के लिए बाल या बालिका आश्रम बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिला कामगारों की सुविधा के लिए छोटे बच्चों की देखभाल के लिए क्रैच बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने श्रम अधिकारियों को जिला के उन सभी अधिकारियों की सूची तैयार कर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जिन्हें निरीक्षण की शक्तियां दी गई हैं। उन्होने ऐसे सभी अधिकारियों को माह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला इस कानून के बारे में व्यापक जागरूकता लाने के लिए कार्यशाला भी की जाएगी।
अवहेलना पर छह माह से दो साल का कारावास
उपायुक्त ने बताया कि बाल व किशोर श्रम (निषेध व विनियमन) अधिनियम-1986 के तहत नियमों की अवहेलना पर नियोक्ता को छह महीने व अधिकतम दो वर्ष के कारावास या दोनों सजाएं हो सकती हैं। कम से कम 20 हजार रुपये जुर्माना से अधिकतम 50 हजार तक किया जा सकता है। 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिक को चाय की दुकान, ढाबा, होटल, सड़क किनारे खाने-पीने वाले व्यवसायों में, घरेलू नौकरी की श्रेणी मेें रखना अपराध है। 14 से 18 वर्ष आयु के श्रमिक जो खतरनाक व जोखिम भरे 16 व्यवसायों व 65 प्रक्रियाओं में कार्य करवाना निषेध है। इनमें ऑटो मोबाइल, गैरेज, हथकरघा उद्योग, बीड़ी बनाना, गलीचा बनाना इत्यादि शामिल है। जिला में बाल-बालिका सुरक्षा योजना के अंतर्गत फोस्टर केयर सर्विस के तहत 157 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। बच्चों के संरक्षकों को हर माह 2300 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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