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पांच साल में घटा चिंतपूर्णी का चढ़ावा
Updated Thu, 03 May 2018 06:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चिंतपूर्णी/भरवाईं(ऊना)।
धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में 2007 से 2017 तक श्रद्धालुओं द्वारा दान पात्र से प्राप्त नकद चढ़ावे के चौंकाने वाले तथ्य मंदिर कार्यालय से प्राप्त हुए हैं। 2007 में मंदिर न्यास को 7 करोड़ 99 लाख 19 हजार 938 रुपये गणना के दौरान प्राप्त हुए। पांच वर्षों में 2012 तक यह आंकड़ा 24 करोड़ 42 लाख 29 हजार 162 रुपये पहुंच गया। आश्चर्यजनक बात है कि इन पांच सालों में 16 करोड़ 43 लाख 9 हजार 224 रुपये न्यास को बढ़त के रूप में प्राप्त हुए।
साल 2012 में अवनीश शर्मा के ट्रांसफर के बाद मंदिर के नकद चढ़ावे में उल्टी गिनती शुरू हो गई जो नकद चढ़ावा साल दर साल तीन करोड़ के लगभग बढ़ता गया। वह साल 2013 में घटकर 23 करोड़ 1 लाख 82 हजार 932 रुपये रह गया। 2014--17 तक चढ़ावा 24 करोड़ सात लाख 28 हजार 112 रुपये तक ही पहुंचा जो 2012 की तुलना में 35 लाख रुपये पांच वर्ष बाद भी कम चढ़ावा मिला।
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इससे पहले कई बार मंदिर न्यास से दान पात्र में चढ़ावे का सही आंकड़े लेने का प्रयास प्रयास किया गया लेकिन हर बार एफडी तथा लंगर व अन्य आमदनी को जोड़कर वाहवाही लूटने का प्रयास किया जाता रहा। पूर्व ट्रस्टी केवल कृष्ण कालिया व निरंजन कालिया ने कहा कि साल दर साल 3 करोड़ रुपये चढ़ावा बढ़ता रहा लेकिन पांच वर्षों में चढ़ावे में कमी जांच का विषय है।
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