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Una News: माता चिंतपूर्णी के दरबार 15 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
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माता चिंतपूर्णी के दरबार दर्शनों के लिए कतारों में बारी का इंतजार करते श्रद्धालु। संवाद
सुबह से ही दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें पुराने बस स्टैंड पर पहुंची
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार श्रद्धालुओं की लाइनें देखने को मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। सुबह से ही दर्शनों के लिए लगी दोहरी लाइनें पुराने बस स्टैंड तक पहुंच गईं। दिनभर श्रद्धालुओं की रौनक बनी रही। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार श्रद्धालुओं की लाइनें देखने को मिलीं। अन्यथा बाजार में श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी।
श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी के जयकारे लगाते, भेंटे गाते मंदिर पहुंच रहे थे। स्थानीय दुकानदार संजीव, राजेश, मंगू, विक्की, रमन तरलोक मनु कुमार आदि ने बताया कि रविवार को काफी दिनों बाद श्रद्धालुओं की रौनक देखने को मिली। इससे पहले चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही थी। दर्शनों के लिए आए विक्रम, रमा, संतोष, अतुल इत्यादि ने बताया कि श्रद्धालुओं की दोहरी लाइनें पुराने बस स्टैंड पर पहुंच गईं थीं और दो घंटे दर्शनों के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। दूसरी ओर सुगम दर्शन प्रणाली से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रही। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही। व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार श्रद्धालुओं की लाइनें देखने को मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। सुबह से ही दर्शनों के लिए लगी दोहरी लाइनें पुराने बस स्टैंड तक पहुंच गईं। दिनभर श्रद्धालुओं की रौनक बनी रही। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार श्रद्धालुओं की लाइनें देखने को मिलीं। अन्यथा बाजार में श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी।
श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी के जयकारे लगाते, भेंटे गाते मंदिर पहुंच रहे थे। स्थानीय दुकानदार संजीव, राजेश, मंगू, विक्की, रमन तरलोक मनु कुमार आदि ने बताया कि रविवार को काफी दिनों बाद श्रद्धालुओं की रौनक देखने को मिली। इससे पहले चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही थी। दर्शनों के लिए आए विक्रम, रमा, संतोष, अतुल इत्यादि ने बताया कि श्रद्धालुओं की दोहरी लाइनें पुराने बस स्टैंड पर पहुंच गईं थीं और दो घंटे दर्शनों के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। दूसरी ओर सुगम दर्शन प्रणाली से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रही। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही। व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
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