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Una News: 146 स्कूलों में शारीरिक शिक्षक नहीं, कैसे तैयार होंगे प्रतिभावान खिलाड़ी

Fri, 27 Sep 2024 06:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Fri, 27 Sep 2024 06:43 PM IST
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146 Schools do not have physical education teachers, how do they prepare talented players?
खेलों से संबंधित गुर सिखाने वाले शिक्षकों के पद पड़े हैं खाली
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संवाद न्यूज एजेंसी

नारी (ऊना)। ऊना में 146 वरिष्ठ माध्यमिक, 47 उच्च और 63 माध्यमिक यानी कुल 256 स्कूल हैं। सभी स्कूलों में शारीरिक शिक्षक पीटीआई होने अतिआवश्यक हैं। बकायदा इन स्कूलों के बच्चे हर वर्ष खेलों में भाग भी लेते हैं।
विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल को प्रतियोगिता में भाग लेना जरूरी होता है। प्रतियोगिता में जो विद्यालय भाग नहीं लेते, उस स्कूल के मुखिया का जवाबतलब किया जाता है, परंतु 256 स्वीकृत पद में से केवल 110 स्कूलों में ही पीटीआई तैनात हैं। ऐसे ही हालत वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में डीपीई अध्यापकों के हैं। बिना डीपीई के स्कूलों में बारहवीं के बच्चों का थ्योरी का पेपर भी होता है। इस विषय को स्कूलों में दूसरे अध्यापक ही डीपीई का पीरियड लेकर उन्हें पढ़ाते हैं।जानकारी के अनुसार जिला के सरकारी स्कूलों की अगस्त के अंत में या सितंबर के प्रथम सप्ताह में हर वर्ष खेल प्रतियोगिताएं शुरू हो जाती हैं। इनके लिए तैयारी नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही होनी चाहिए। 146 विद्यालय इसकी राह देख रहे हैं। ऐसे स्कूलों में किस प्रकार खिलाड़ी तैयार होंगे। बिना शारीरिक शिक्षक के बच्चे खेल प्रतियोगिताओं में बढ़िया प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं।
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जिला खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए उपनिदेशक को ही जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का मुखिया चुना जाता है। यह प्रतियोगिताएं अंडर-14 वर्ग में बैडमिंटन कबड्डी के साथ कुश्ती, वालीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं होती हैं। वरिष्ठ वर्ग में एथलेटिक्स, फुटबाल, हैंडबॉल इत्यादि में बच्चे माहिर तभी बन सकते, यदि सिखाने वाला गुरु उपलब्ध हों। कुछ स्कूल प्रबंधन समितियों के सदस्यों ममता रानी, मनीषा, गुरदेव सिंह, सुशील कुमार, हरीश शर्मा, विनोद कुमार, समीक्षा देवी, रमेश कुमार तथा विनय शर्मा का कहना है कि बिना शारीरिक शिक्षा अध्यापक के हम कोई भी मेडल लाने का सपना भी नहीं ले सकते।
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उधर, जिला उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग राजेंद्र कौशल ने कहा कि यह मामला उच्च अधिकारियों के पहले ही संज्ञान में है। जैसे ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी और आदेश आएंगे, उन्हें तुरंत अमल में लाया जाएगा।
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