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औद्योगिक घरानों को भा रहा गहरा-कोठी क्षेत्र
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जीएस जस्सल
थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ विस क्षेत्र की थानाकलां पंचायत का गहरा-कोठी गांव औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होने लगा है। कई औद्योगिक घराने इस इलाके में रुचि दिखाने लगे हैं। गौरतलब है कि कुटलैहड़ का यह क्षेत्र औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित नहीं है।
सुविधाओं से लैस यह उद्योगपतियों की पसंद बनता जा रहा है। इलाके के लोगों ने इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र की श्रेणी में शामिल करके विशेष पैकेज उपलब्ध करवाने की प्रदेश सरकार से मांग की है। हालांकि विभाग ने मंदली पंचायत के अघलौर क्षेत्र को औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित किया हुआ है। लेकिन अधिकतर इलाका पथरीला होने से यहां पर पौधा रोपण नहीं हो पाया है। इसके कारण औद्योगिक घराने अपने हाथ पीछे खींच लेते हैं। गहरा-कोठी क्षेत्र में मुद्रिका सड़क का निर्माण किया गया है। जोकि पक्की होने के साथ-साथ चौड़ी भी है।
इस क्षेत्र में आबादी काफी कम है, जो कि औद्योगिक घरानों के इच्छुक लोगों को भा रही है। बिजली की व्यवस्था भी दुरुस्त है। मूलभूत सुविधाओं के चलते यहां लघु उद्योग लगाना आसान है। यहां पर एक प्लास्टिक के पाइप बनाने का उद्योग लग चुका है। इसमें तैयार माल की सप्लाई प्रदेशभर में हो रही है। एक चप्पल के निर्माण का उद्योग भी यहां पर लगाया जा रहा है। इसके भवन का निर्माण हो रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक यहां कई औद्योगिक घराने उद्योग स्थापित करने के इच्छुक हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में उद्योगों की स्थापना से युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। जिप सदस्य उर्मिला ठाकुर, नरेश वशिष्ट, रमेश वशिष्ट, पूर्व प्रधान मोती लाल, सुरेंद्र शर्मा, जोगिंद्र राणा, बलवीर सिंह, महिंद्र सिंह ने पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है।
निजी भूमि पर लगा सकते हैं उद्योग
इस संबंध में उद्योग विभाग के जनरल मैनेजर अंशुल धीमान का कहना है कि कुटलैहड़ का अघलौर इलाका बड़े और छोटे उद्योगों के लिए आरक्षित है। लेकिन निजी भूमि पर भी कोई स्थानीय और बाहरी व्यक्ति उद्योग लगा सकता है।
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थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ विस क्षेत्र की थानाकलां पंचायत का गहरा-कोठी गांव औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होने लगा है। कई औद्योगिक घराने इस इलाके में रुचि दिखाने लगे हैं। गौरतलब है कि कुटलैहड़ का यह क्षेत्र औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित नहीं है।
सुविधाओं से लैस यह उद्योगपतियों की पसंद बनता जा रहा है। इलाके के लोगों ने इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र की श्रेणी में शामिल करके विशेष पैकेज उपलब्ध करवाने की प्रदेश सरकार से मांग की है। हालांकि विभाग ने मंदली पंचायत के अघलौर क्षेत्र को औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित किया हुआ है। लेकिन अधिकतर इलाका पथरीला होने से यहां पर पौधा रोपण नहीं हो पाया है। इसके कारण औद्योगिक घराने अपने हाथ पीछे खींच लेते हैं। गहरा-कोठी क्षेत्र में मुद्रिका सड़क का निर्माण किया गया है। जोकि पक्की होने के साथ-साथ चौड़ी भी है।
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इस क्षेत्र में आबादी काफी कम है, जो कि औद्योगिक घरानों के इच्छुक लोगों को भा रही है। बिजली की व्यवस्था भी दुरुस्त है। मूलभूत सुविधाओं के चलते यहां लघु उद्योग लगाना आसान है। यहां पर एक प्लास्टिक के पाइप बनाने का उद्योग लग चुका है। इसमें तैयार माल की सप्लाई प्रदेशभर में हो रही है। एक चप्पल के निर्माण का उद्योग भी यहां पर लगाया जा रहा है। इसके भवन का निर्माण हो रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक यहां कई औद्योगिक घराने उद्योग स्थापित करने के इच्छुक हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में उद्योगों की स्थापना से युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। जिप सदस्य उर्मिला ठाकुर, नरेश वशिष्ट, रमेश वशिष्ट, पूर्व प्रधान मोती लाल, सुरेंद्र शर्मा, जोगिंद्र राणा, बलवीर सिंह, महिंद्र सिंह ने पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है।
निजी भूमि पर लगा सकते हैं उद्योग
इस संबंध में उद्योग विभाग के जनरल मैनेजर अंशुल धीमान का कहना है कि कुटलैहड़ का अघलौर इलाका बड़े और छोटे उद्योगों के लिए आरक्षित है। लेकिन निजी भूमि पर भी कोई स्थानीय और बाहरी व्यक्ति उद्योग लगा सकता है।