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नकल रोको अभियान की खुली पोल
Updated Mon, 12 Mar 2018 05:12 PM IST
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एसीआर खराब होने का डर, उड़नदस्तों के पहुंचने की सूचनाएं लीक
नकल रोको अभियान की खुली पोल, फ्लाइंग के स्कूल आने से पहले की जा रही सफाई
पांच दिनों में ऊना में पकड़े गए डेढ़ दर्जन नकलची
पंकज चब्बा
संतोषगढ़ (ऊना)।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के दावों की पोल खुल रही है। अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को सही रखने के लिए कई परीक्षा केंद्रों में खुद शिक्षक छात्रों को नकल करवाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। नकल रोकने के अभियान को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका मोबाइल फोन निभा रहे हैं। उड़नदस्तों के किसी भी परीक्षा केंद्र में दस्तक देते ही समीपवर्ती परीक्षा केंद्रों को मोबाइल के जरिये अलर्ट किया जा रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पांच मार्च से शुरू वार्षिक परीक्षाओं में नकलची छात्रों को पकड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने रोजाना परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ दर्जनों छात्रों को नकल करते पकड़ा है। बोर्ड परीक्षा के दौरान अब तक उड़नदस्तों ने जिला भर से लगभग डेढ़ दर्जन छात्रों को नकल करते दबोचा है। जब भी किसी स्कूल में उड़नदस्ते की टीम दबिश देने पहुंचती है तो उसी समय स्कूल के शिक्षक मोबाइल से समीपवर्ती परीक्षा केंद्रों के स्कूलों को उड़नदस्ते के पहुंचने की सूचना दे रहे हैं। इस कारण उड़नदस्ते के दूसरे परीक्षा केंद्रों में दबिश देने से पहले ही छात्रों से नकल सामग्री इकट्ठा कर सफाई करवाई जा रही है। सरकारी स्कूलों के कई शिक्षकों ने बताया कि उड़नदस्तों के दस्तक देने से पहले ही उनको सूचना मिल जाती है कि उड़नदस्ता पहुंचने वाला है। यह भी बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य तो यहां तक धमका रहे हैं कि बच्चों को नकल नहीं करवाई तो एसीआर प्रभावित होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक भूप सिंह का कहना है कि ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नकल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
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नकल रोको अभियान की खुली पोल, फ्लाइंग के स्कूल आने से पहले की जा रही सफाई
पांच दिनों में ऊना में पकड़े गए डेढ़ दर्जन नकलची
पंकज चब्बा
संतोषगढ़ (ऊना)।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के दावों की पोल खुल रही है। अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को सही रखने के लिए कई परीक्षा केंद्रों में खुद शिक्षक छात्रों को नकल करवाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। नकल रोकने के अभियान को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका मोबाइल फोन निभा रहे हैं। उड़नदस्तों के किसी भी परीक्षा केंद्र में दस्तक देते ही समीपवर्ती परीक्षा केंद्रों को मोबाइल के जरिये अलर्ट किया जा रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पांच मार्च से शुरू वार्षिक परीक्षाओं में नकलची छात्रों को पकड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने रोजाना परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ दर्जनों छात्रों को नकल करते पकड़ा है। बोर्ड परीक्षा के दौरान अब तक उड़नदस्तों ने जिला भर से लगभग डेढ़ दर्जन छात्रों को नकल करते दबोचा है। जब भी किसी स्कूल में उड़नदस्ते की टीम दबिश देने पहुंचती है तो उसी समय स्कूल के शिक्षक मोबाइल से समीपवर्ती परीक्षा केंद्रों के स्कूलों को उड़नदस्ते के पहुंचने की सूचना दे रहे हैं। इस कारण उड़नदस्ते के दूसरे परीक्षा केंद्रों में दबिश देने से पहले ही छात्रों से नकल सामग्री इकट्ठा कर सफाई करवाई जा रही है। सरकारी स्कूलों के कई शिक्षकों ने बताया कि उड़नदस्तों के दस्तक देने से पहले ही उनको सूचना मिल जाती है कि उड़नदस्ता पहुंचने वाला है। यह भी बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य तो यहां तक धमका रहे हैं कि बच्चों को नकल नहीं करवाई तो एसीआर प्रभावित होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक भूप सिंह का कहना है कि ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नकल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।