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मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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गगरेट (ऊना)।
क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने के चलते गेहूं की फसल पर संकट गहराता जा रहा है। मौसम की बेरुखी से किसान खासे परेशान ही नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी चिंतित नजर आ रहे हैं। गेहूं की फसल की बुआई के बाद से क्षेत्र में ठीक बारिश नहीं हुई है। जो क्षेत्र मात्र बारिश पर निर्भर है, वहां फसल बर्बादी की कगार पर पहुंचने वाली है। हालांकि सिंचित भूमि की समय-समय पर किसान सिंचाई तो कर रहे हैं लेकिन बारिश न होने से फसल को वहां भी नुकसान हो रहा है।
किसानों में रघुवंत ठाकुर, जसवंत राणा, इंदरजीत सिंह, राजेश ठाकुर, अरविंद, रमणीक शर्मा, दिनेश शर्मा, संजीव चड्ढा, दिनेश ठाकुर के अनुसार गेहूं की बुआई के पहले और बाद में बारिश होने से गेहूं के खेतों में फसल बढ़िया होती है। इस साल मौसम के मिजाज को वे समझ नहीं पा रहे है। उनके अनुसार लोहड़ी पर उन्हें बारिश की आस थी लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ा।
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अब मौसम विज्ञान केंद्र के अनुमान के अनुसार 23, 24 जनवरी को बारिश की आस है। यदि अभी भी ठीक ढंग से बारिश होती है तो कुछ हद तक फसल बच सकती है। यदि मौसम की बेरुखी जारी रही तो उनका न केवल साल भर का बजट गड़बड़ाएगा बल्कि उनकी मेहनत पर भी पानी फिर जाएगा।
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