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चिंतपूर्णी के गांवों में तेंदुए की दहशत
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चिंतपूर्णी (ऊना)। चिंतपूर्णी से सटे गांव नारी, ज्वाल, धर्मसाल महंता, बेहड़ भटेड़ गांवों में तेंदुए के आतंक से लोग परेशान हैं। तेंदुए ने कई लोगों के कुत्तों को मार दिया है। रविवार रात को 8:30 बजे के करीब नारी गांव में गंगू नाला के समीप तेंदुआ चिंतपूर्णी-तलवाड़ा मुख्य सड़क के किनारे बैठा मिला। इसके बाद लोगों ने उसे वहां से खदेड़ा।
रात के समय भी कई लोग सड़क से पैदल चलते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु भी शीतला मंदिर के लिए इसी रास्ते से पैदल जाते हैं। लोगों ने कहा कि तेंदुए के आतंक से उनका घरों से बाहर निकलना बंद कर हो गया है। तेंदुए के डर से कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भी नहीं भेज रहे हैं। गांव पंचायत ज्वाल के उपप्रधान जोगिंद्र सिंह, किसान मोर्चा के यशपाल पाली ने बताया कि तेंदुए ने उनके कुत्तों को शिकार लगाया है।
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बरसात में घासनियां में घास बढ़ने के कारण तेंदुआ सड़क पर आ रहा है। इससे लोगों में दहशत है। स्थानीय लोगों सुनील शर्मा, कुलदीप, दर्शन, खेम चंद, किशोरी लाल, राजेश आदि ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ कर दूर जंगल में छोड़ा जाए। इस बारे में भरवाईं के रेंज अधिकारी प्यार सिंह ठाकुर का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया है। यदि पंचायत प्रस्ताव पारित करके दे तो तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया जाएगा।
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