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जिला भर के अस्पतालों में एंटीस्नेक वैलम उपलब्ध

Fri, 23 Jun 2017 11:11 PM IST
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:11 PM IST
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जिला भर के अस्पतालों में एंटीस्नेक वैलम उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। बरसातों के दौरान सर्पदंश के ज्यादा मामले सामने आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को लेकर जिला भर के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वैनम की व्यवस्था कर दी है। उपायुक्त विकास लाबरू ने बताया कि जिला के 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 4 सिविल अस्पतालों में एंटी स्नेक वैनम उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल ऊना सहित सिविल अस्पताल हरोली, सिविल अस्पताल अंब, सिविल अस्पताल गगरेट , सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी, सीएचसी संतोषगढ़, सीएचसी बंगाणा व सीएचसी दौलतपुर में सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं एंटी स्नेक वैनम उपलब्ध हैं। विकास लाबरू ने अधिकारियों व पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे जनसाधारण को सर्पदंश के बारे में जागरूक करें और सर्पदंश प्रभावित व्यक्ति को बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचाएं। इससे फौरन उपचार शुरू करके उसकी जान बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि बरसातों के दौरान सर्पदंश के ज्यादा मामले सामने आते हैं। इस मौसम में लोगों को काफी एहतियात बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग चप्पल डालकर जंगलों में घास काटने चले जाते हैं, जो सही नहीं है। अंधेरे में बाहर जाने पर टॉर्च साथ रखनी चाहिए। इसके अलावा भूमि पर सोने से भी सर्पदंश का खतरा बना रहता है।
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इनसेट
सर्पदंश होने पर ऐसा करना हो सकता है घातक
सर्पदंश को लेकर सीएमओ डॉ. प्रकाश दरोच ने जनसाधारण को जागरूक करते हुए कहा कि सांप के काटने पर उस जगह को बांधना नहीं चाहिए, क्योंकि बांधने से खून का प्रवाह रुक जाता है, जिससे जहर उस जगह पर ज्यादा असर करता है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की जगह पर किसी चाकू या ब्लेड से कोई चीरफाड़ नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से जहर जल्दी फैलता है। काटने वाली जगह के नजदीकी जोड़ को हिलाना नहीं चाहिए और बिना समय बर्बाद किए मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य
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केंद्र में पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने सांप के जहर के लक्षणों बारे लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि काटने वाली जगह पर दर्द, खून का बहना, गले या पेट में दर्द, आंखें खोलने में परेशानी, बेहोशी, पेशाब कम आना या सांस का रुकना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन कई बार सांप के काटने पर घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ जाने से गंभीर स्थिति हो जाती है।
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