{"_id":"613510c78ebc3e7a224b73b6","slug":"100-bed-mother-child-hospital-being-built-in-una-with-20-crores-una-news-sml38283424","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊना में 20 करोड़ से बन रहा 100 बेड का मातृ शिशु अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊना में 20 करोड़ से बन रहा 100 बेड का मातृ शिशु अस्पताल
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में बन कर तैयार मातृ शिशु भवन
- फोटो : Una
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मरीजों का बोझ जल्द कम होने जा रहा है। अस्पताल परिसर में ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) बनने जा रहा है। इसका काम इन दिनों जोरों से चला है। 100 बेड के इस अस्पताल में मातृ शिशु से संबंधी सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के परिसर में 20 करोड़ रुपये की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल का 70 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया गया है। इस अस्पताल के बनने से जिला भर के लोगों को लाभ मिलेगा। अस्पताल में 100 बेड की सुविधा रहेगी। यहां प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की बेहतर देखभाल की जाएगी। यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लेस रहेगा। इसमें मां और नवजात से जुड़ी सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस समय अस्पताल के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पांच मंजिला इस भवन में क्षेत्रीय अस्पताल के गायनी ओपीडी को भी यहां शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा शिशु रोग विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को भी अस्पताल में तैनात किया जाएगा।
बता दें कि इस समय क्षेत्रीय अस्पताल में ही गायनी ओपीडी, लेबर रूम में 20 बेड की व्यवस्था है जोकि नाकाफी है। इस दौरान आपातकाल में गायनी ओपीडी में तैनात चिकित्सकों को ओपीडी छोड़कर आपातकाल में लेबर रूम जाना पड़ता है। इस कारण से ओपीडी में रूटीन चेकअप के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक आने का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में मातृ शिशु यूनिट बनने से यहां अतिरिक्त गायनी और शिशु रोग विशेषज्ञों की तैनाती होगी। इसके अलावा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सक 24 घंटे अस्पताल में तैनात रहेंगे। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासांउड की सुविधा भी अस्पताल में नहीं मिल पाती है। इस कारण से उन्हें महंगे दामों पर निजी लैब में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
निर्माणाधीन अस्पताल में विशेष रूप से रेडियोलोजिस्ट, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की सुविधा रहेगी। निर्माणाधीन अस्पताल का कार्य दिसंबर 2019 में शुरू किया गया था। कोरोना काल के चलते निर्माण कार्य में धीमा हो गया। वर्तमान में निर्माण को तेजी से किया जा रहा है। इस अस्पताल को मार्च 2022 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश ने बताया कि एमसीएच भवन को बनाने का काम जोरों से चल रहा है। तय लक्ष्य के अनुसार कार्य समाप्त करने के लिए ठेकेदार को कहा गया है।
बेसमेंट में होगी पार्किंग की सुविधा
निर्माणाधीन मातृ शिशु अस्पताल में बेसमेंट फ्लोर पर लैब, चालक कक्ष, इलेक्ट्रिकल रूम, लॉन्ड्री, कैंटीन, चौकीदार कक्ष, प्रतिक्षालय, पार्किंग, लिफ्ट, रैंप और शौचालय बनाया जाएगा।
ग्राउंड फ्लोर में रहेगी गायनी ओपीडी
अस्पातल के ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण कक्ष, प्रतिक्षालय, औषधालय, माइनर ओटी, दो गायनी ओपीडी, कंट्रोल रूम, सीटी स्कैन रूम, लैब, नर्स ड्यूटी रूम, डाक्टर ड्यूटी रूम, आईसीयू, ओटी, शौचालय, रैंप, लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
पहले तल पर होगा नियो नैटल वार्ड
पहले तल पर औषधालय, नियो नैटल वार्ड, प्रतिक्षालय, पांच स्पेशल वार्ड, नर्स डयूटी रूम, नर्स नाइट डयूटी रूम, पोस्ट नैटल वार्ड 18 बेड, लेबर रूम, डाक्टर चेंज रूम, नर्स चेंज रूम, रैंप, शौचालय और लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
दूसरे तल पर रहेगी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा
अस्पताल के दूसरे तल पर रेडियोलोजिस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, शिशु रोग विशेषज्ञ वार्ड, नियो नैटल इंटेसिव केयर यूनिट, माताओं के लिए फीडिंग रूम, वैक्सीनेशन कक्ष, एचओडी रूम, लिफ्ट, शौचालय, रैंप और प्रतिक्षालय बनाया जाएगा।
तीसरे तल पर साधारण बीमार बच्चों के लिए बनेगा वार्ड
अस्पताल के तीसरे तल पर डाक्टर नाइट ड्यूटी रूम, बच्चों के लिए साधारण वार्ड 18 बेड, एंटीनेटल वार्ड 18 बेड, शिशु रोग वार्ड 15 बेड, लिफ्ट, रैंप और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
एमसीएच बड़ी सौगात : सीएमओ
सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा ने बताया कि मातृ शिशु अस्पताल बड़ी सौगात है। इसके बनने से एक ही छत के नीचे मातृ-शिशु दोनों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ भी मिलेेगा। एमसीएच के बनने से स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा।
ऑक्सीजन सप्लाई से भी जुड़ेगा
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इससे 200 बेड को निरंतर ऑक्सीजन की सप्लाई मिल पाएगी। आने वाले समय में पाइप से ऑक्सीजन गैस की सप्लाई निर्माणाधीन मातृ-शिशु अस्पताल को भी दी जाएगी।
जिलेवासियों को मिलेगी सुविधा: सत्ती
छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा मातृ शिशु अस्पताल के बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस भवन के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द लोगों को अच्छी सुविधाएं मिल सके। यह एमसीएच स्वास्थ्य सुविधाओं में मील पत्थर साबित होगा।
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के परिसर में 20 करोड़ रुपये की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल का 70 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया गया है। इस अस्पताल के बनने से जिला भर के लोगों को लाभ मिलेगा। अस्पताल में 100 बेड की सुविधा रहेगी। यहां प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की बेहतर देखभाल की जाएगी। यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लेस रहेगा। इसमें मां और नवजात से जुड़ी सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस समय अस्पताल के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पांच मंजिला इस भवन में क्षेत्रीय अस्पताल के गायनी ओपीडी को भी यहां शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा शिशु रोग विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को भी अस्पताल में तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि इस समय क्षेत्रीय अस्पताल में ही गायनी ओपीडी, लेबर रूम में 20 बेड की व्यवस्था है जोकि नाकाफी है। इस दौरान आपातकाल में गायनी ओपीडी में तैनात चिकित्सकों को ओपीडी छोड़कर आपातकाल में लेबर रूम जाना पड़ता है। इस कारण से ओपीडी में रूटीन चेकअप के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक आने का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में मातृ शिशु यूनिट बनने से यहां अतिरिक्त गायनी और शिशु रोग विशेषज्ञों की तैनाती होगी। इसके अलावा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सक 24 घंटे अस्पताल में तैनात रहेंगे। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासांउड की सुविधा भी अस्पताल में नहीं मिल पाती है। इस कारण से उन्हें महंगे दामों पर निजी लैब में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
निर्माणाधीन अस्पताल में विशेष रूप से रेडियोलोजिस्ट, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की सुविधा रहेगी। निर्माणाधीन अस्पताल का कार्य दिसंबर 2019 में शुरू किया गया था। कोरोना काल के चलते निर्माण कार्य में धीमा हो गया। वर्तमान में निर्माण को तेजी से किया जा रहा है। इस अस्पताल को मार्च 2022 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश ने बताया कि एमसीएच भवन को बनाने का काम जोरों से चल रहा है। तय लक्ष्य के अनुसार कार्य समाप्त करने के लिए ठेकेदार को कहा गया है।
बेसमेंट में होगी पार्किंग की सुविधा
निर्माणाधीन मातृ शिशु अस्पताल में बेसमेंट फ्लोर पर लैब, चालक कक्ष, इलेक्ट्रिकल रूम, लॉन्ड्री, कैंटीन, चौकीदार कक्ष, प्रतिक्षालय, पार्किंग, लिफ्ट, रैंप और शौचालय बनाया जाएगा।
ग्राउंड फ्लोर में रहेगी गायनी ओपीडी
अस्पातल के ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण कक्ष, प्रतिक्षालय, औषधालय, माइनर ओटी, दो गायनी ओपीडी, कंट्रोल रूम, सीटी स्कैन रूम, लैब, नर्स ड्यूटी रूम, डाक्टर ड्यूटी रूम, आईसीयू, ओटी, शौचालय, रैंप, लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
पहले तल पर होगा नियो नैटल वार्ड
पहले तल पर औषधालय, नियो नैटल वार्ड, प्रतिक्षालय, पांच स्पेशल वार्ड, नर्स डयूटी रूम, नर्स नाइट डयूटी रूम, पोस्ट नैटल वार्ड 18 बेड, लेबर रूम, डाक्टर चेंज रूम, नर्स चेंज रूम, रैंप, शौचालय और लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
दूसरे तल पर रहेगी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा
अस्पताल के दूसरे तल पर रेडियोलोजिस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, शिशु रोग विशेषज्ञ वार्ड, नियो नैटल इंटेसिव केयर यूनिट, माताओं के लिए फीडिंग रूम, वैक्सीनेशन कक्ष, एचओडी रूम, लिफ्ट, शौचालय, रैंप और प्रतिक्षालय बनाया जाएगा।
तीसरे तल पर साधारण बीमार बच्चों के लिए बनेगा वार्ड
अस्पताल के तीसरे तल पर डाक्टर नाइट ड्यूटी रूम, बच्चों के लिए साधारण वार्ड 18 बेड, एंटीनेटल वार्ड 18 बेड, शिशु रोग वार्ड 15 बेड, लिफ्ट, रैंप और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
एमसीएच बड़ी सौगात : सीएमओ
सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा ने बताया कि मातृ शिशु अस्पताल बड़ी सौगात है। इसके बनने से एक ही छत के नीचे मातृ-शिशु दोनों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ भी मिलेेगा। एमसीएच के बनने से स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा।
ऑक्सीजन सप्लाई से भी जुड़ेगा
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इससे 200 बेड को निरंतर ऑक्सीजन की सप्लाई मिल पाएगी। आने वाले समय में पाइप से ऑक्सीजन गैस की सप्लाई निर्माणाधीन मातृ-शिशु अस्पताल को भी दी जाएगी।
जिलेवासियों को मिलेगी सुविधा: सत्ती
छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा मातृ शिशु अस्पताल के बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस भवन के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द लोगों को अच्छी सुविधाएं मिल सके। यह एमसीएच स्वास्थ्य सुविधाओं में मील पत्थर साबित होगा।