फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The feat of PWD Shimla Circle 10 tenders were issued for the repair of three kilometers of road

Himachal News: पीडब्ल्यूडी के शिमला सर्किल का कारनामा, तीन किलोमीटर सड़क की मरम्मत को लगा दिए 10 टेंडर

Thu, 06 Mar 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 06 Mar 2025 05:00 AM IST
सार

पारदर्शी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बचने के लिए जानबूझक लोक निर्माण विभाग के शिमला सर्किल ने करीब तीन-तीन किलोमीटर की उक्हरो-नेहरा सड़क की मरम्मत और उपर फथाची सड़क के निर्माण के लिए 10-10 टेंडर जारी कर दिए। 

विज्ञापन
The feat of PWD Shimla Circle 10 tenders were issued for the repair of three kilometers of road
HPPWD - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

लोक निर्माण विभाग के शिमला सर्किल का कारनामा देखिए। करीब तीन-तीन किलोमीटर की उक्हरो-नेहरा सड़क की मरम्मत और उपर फथाची सड़क के निर्माण के लिए 10-10 टेंडर जारी कर दिए। यह पूरा काम लगभग 10 लाख रुपये का है। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए 97,000 रुपये के 10 टेंडर निकाले गए हैं।

विज्ञापन


सरकार ने नियम बनाए हैं कि एक लाख या इससे अधिक राशि के कामों के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया जरूरी होगी, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इन कामों को इतने छोटे हिस्सों में बांट दिया कि हर टेंडर ऑफलाइन ही रहे। इसका मतलब यह हुआ कि पारदर्शी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बचने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया। यह तरीका ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का एक साधन बन सकता है। अगर कोई काम 10 लाख रुपये का है, तो उसे एक ही टेंडर में निकाला जाना चाहिए, ताकि उसकी गुणवत्ता बनी रहे और उचित निगरानी हो सके। यहां 10 लाख रुपये के काम को 10 टुकड़ों में बांट दिया गया, जिससे यह तय करना मुश्किल हो गया कि कौन ठेकेदार कौन-सा हिस्सा बना रहा है और उसकी जिम्मेदारी क्या होगी।
विज्ञापन


छोटे टेंडर में सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि गुणवत्ता से समझौता होता है। बड़े ठेकेदारों की तुलना में छोटे ठेकेदारों के पास जरूरी संसाधन नहीं होते, जिससे काम आधे-अधूरे तरीके से पूरे होते हैं। यही कारण है कि कई बार सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ जाती हैं। शिमला में पहले भी यह देखा गया है कि मरम्मत के नाम पर सड़कों को पैचवर्क से ठीक कर दिया जाता है, लेकिन बरसात के बाद वे फिर से खराब हो जाती हैं। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि इन कामों को एक ही बड़े टेंडर में शामिल किया जाए, ताकि काम की निगरानी हो और गुणवत्ता भी बनी रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

कई जगह छोटे छोटे काम होने के कारण छोटे टेंडर किए जा रहे हैं। विभाग टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरत रहा है- राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed