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Solan News: जिले के स्कूलों में जल संरक्षण पर होगा काम, दस स्कूलों को 25-25 हजार बजट जारी
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किचन गार्डन की सिंचाई समेत शौचालय में होगा पानी का प्रयोग
प्रारंभिक चरण में जिले के जाबली स्कूल ने कार्य किया पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के दस स्कूलों को जल संरक्षण के लिए 25-25 हजार का बजट जारी किया गया है। इस बजट से स्कूल बरसात के पानी को संग्रहण करेंगे। इसमें स्कूलों की छत्त पर जल संरक्षण के लिए टंकियां लगाई जाएंगी। ताकि बरसात के पानी का संग्रहण कर उसे किचन गार्डन या फिर शौचालय में प्रयोग किया जाएगा। यह राशि हिम कॉस्टे ने स्कूलों को जारी की है, ताकि स्कूल भी जल संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। बता दें कि प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिम कॉस्टे) ने जिला सोलन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाबली, पंजल, लगदाघाट, दाड़लाघाट, बघेरी, मानपुरा, गौड़ा, प्राथा समेत अन्य स्कूलों को को छत्त पर जल संरक्षण के लिए 25-25 हजार रुपये की ग्रांट जारी की है। इन स्कूलों के छत्तों से बहने वाला बरसात का पानी एक जगह एकत्रित किया जाएगा, ताकि इसे फिल्टर करके पीने योग्य बनाया जा सके या फिर स्कूलों के कीचन गार्डन में सिंचाई के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। क्योंकि बरसात के मौसम में बारिश का पानी अक्सर यूं ही खड्डों-नालों में बह जाता है। अगर इसे टैंक इत्यादि के माध्यम से संग्रहित करते हैं, तो जहां स्कूलों में पानी की किल्लत खत्म होगी, वहीं बारिश का पानी सिंचाई इत्यादि में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे स्कूलों के किचन गार्डन भी गर्मियों में सूखे का शिकार नहीं होंगे। अकसर देखने में आया है कि गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत से अकसर स्कूलों के किचन गार्डन भी सूख जाते हैं, उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे में छत्त पर बारिश के जल संरक्षण का लाभ संबंधित स्कूलों को आने वाले समय में मिलेगा। उधर, जिला इको क्लब नोडल अधिकारी अमरीश शर्मा ने बताया कि प्राथमिक चरण में जिले के दस स्कूलों का चयन किया गया। इसमें स्कूलों को राशि जारी कर वहां पर पानी एकत्रित करने के लिए कार्य भी शुरू कर दिया है।
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प्रारंभिक चरण में जिले के जाबली स्कूल ने कार्य किया पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के दस स्कूलों को जल संरक्षण के लिए 25-25 हजार का बजट जारी किया गया है। इस बजट से स्कूल बरसात के पानी को संग्रहण करेंगे। इसमें स्कूलों की छत्त पर जल संरक्षण के लिए टंकियां लगाई जाएंगी। ताकि बरसात के पानी का संग्रहण कर उसे किचन गार्डन या फिर शौचालय में प्रयोग किया जाएगा। यह राशि हिम कॉस्टे ने स्कूलों को जारी की है, ताकि स्कूल भी जल संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। बता दें कि प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिम कॉस्टे) ने जिला सोलन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाबली, पंजल, लगदाघाट, दाड़लाघाट, बघेरी, मानपुरा, गौड़ा, प्राथा समेत अन्य स्कूलों को को छत्त पर जल संरक्षण के लिए 25-25 हजार रुपये की ग्रांट जारी की है। इन स्कूलों के छत्तों से बहने वाला बरसात का पानी एक जगह एकत्रित किया जाएगा, ताकि इसे फिल्टर करके पीने योग्य बनाया जा सके या फिर स्कूलों के कीचन गार्डन में सिंचाई के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। क्योंकि बरसात के मौसम में बारिश का पानी अक्सर यूं ही खड्डों-नालों में बह जाता है। अगर इसे टैंक इत्यादि के माध्यम से संग्रहित करते हैं, तो जहां स्कूलों में पानी की किल्लत खत्म होगी, वहीं बारिश का पानी सिंचाई इत्यादि में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे स्कूलों के किचन गार्डन भी गर्मियों में सूखे का शिकार नहीं होंगे। अकसर देखने में आया है कि गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत से अकसर स्कूलों के किचन गार्डन भी सूख जाते हैं, उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे में छत्त पर बारिश के जल संरक्षण का लाभ संबंधित स्कूलों को आने वाले समय में मिलेगा। उधर, जिला इको क्लब नोडल अधिकारी अमरीश शर्मा ने बताया कि प्राथमिक चरण में जिले के दस स्कूलों का चयन किया गया। इसमें स्कूलों को राशि जारी कर वहां पर पानी एकत्रित करने के लिए कार्य भी शुरू कर दिया है।