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बीबीएन के स्टोर क्रशरों में बिना एम फार्म बेचा जा रहा रेत-बजरी

Sat, 18 Jun 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Sat, 18 Jun 2016 11:08 PM IST
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Without M farm sold a rat And bajri
औद्योगिक शहर बीबीएन में स्टोर क्रशर मालिकों द्वारा बिना एम फार्म के ही रेत-बजरी की सौदेबाजी की जा रही है। - फोटो : Demo pic

औद्योगिक शहर बीबीएन में स्टोर क्रशर मालिकों द्वारा बिना एम फार्म के ही रेत-बजरी की सौदेबाजी की जा रही है। प्रदेश सरकार को स्टोन क्रशर मालिक सीधे तौर पर चूना लगाने का काम कर रहे हैं।

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बीबीएन से रोजाना भारी तादाद में रेत और बजरी को ट्रकों में लोड कर बिना किसी दस्तावेजी कार्रवाई के ही बेच दिया जा रहा है। साफ तौर पर कहा जाए तो बिना एम फार्म के ही बीबीएन में माइनिंग का काला कारोबार चल रहा है।
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क्रशर मालिकों पर संबंधित माइनिंग विभाग और स्थानीय प्रशासन भी लगाम नहीं लगा पा रहा है। मामले की गंभीरता पहाड़ी क्षेत्र रामशहर के टिप्पर मालिकों की ओर से एसडीएम नालागढ़ को दिए गए शिकायत पत्र से सामने आई है।
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शिकायत पत्र में टिप्पर मालिकों ने कहा है कि बीबीएन में मौजूद स्टोन क्रशरों से रेत और बजरी को खरीदने पर क्रशर मालिकों की ओर से मांगने पर भी एम फार्म नहीं दिया जाता। इससे क्रशर मालिक साफ तौर पर इनकार कर देते हैं

इस कारण सड़कों पर टिप्पर मालिकों के पुलिस और अन्य संबंधित विभाग हजारों के चालान काट रहे हैं। टिप्पर मालिकों ने क्रशरों द्वारा सरकार के निर्धारित दामों से अधिक की अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप अपने शिकायत पत्र में लगाए हैं।

खनन विभाग को मामले में जांच के आदेश
एसडीएम नालागढ़ हरिकेश मीना ने कहा कि रामशहर के टिप्पर मालिकों की ओर से शिकायत मिली है। इस संबंध में खनन विभाग अधिकारी को जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। मामला गंभीर है। इसकी सही छानबीन की जाएगी।

बहुमूल्य संपदा की हो रही चोरी
एम फार्म के माध्यम से खनन विभाग नदी-नालों से उठाए जाने वाले रेत-बजरी का सही हिसाब रख पाता है। साथ ही इस पर क्रशर मालिकों को भी सरकार को एक निर्धारित धनराशि चुकानी पड़ती है।

ऐसे में बीबीएन के क्रशर मालिकों की ओर से बिना एम फार्म के रेत-बजरी की खरीद-फरोख्त से नदी-नालों में अवैज्ञानिक खनन और सरकारी खजाने को भी चूना लगाने का काम किया जा रहा है।


क्रशरों पर प्रशासनिक विभाग मेहरबान
प्रशासनिक विभागों की कार्रवाई रेत-बजरी वाले वाहनों तक सीमित है। अवैध रूप से रेत-बजरी ले जाने वाले ट्रक-टिप्परों के पुलिस प्रशासन और अन्य विभाग इन दिनों लगातार चालान कर रहा है। रेत-बजरी की बिना एम-फार्म सप्लाई कर रहे क्रशरों पर कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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