चुनावी मुद्दा: स्वच्छता में 50 लाख का इनाम जीतने वाले बद्दी शहर में लगे रहते हैं कूड़े के ढेर
बद्दी शहर में लगे कूड़े के ढेर लोगों की परेशानी का कारण बने हैं। हाल ही में नप को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये सफाई के लिए इनाम मिला है, लेकिन यहां किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है।
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दून विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में शहरी मतदाता हर बार अहम भूमिका निभाते हैं। यहां से भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक रहे हैं। मगर वे सिर्फ चुनावी वादे करते हैं, बाद में कोई ध्यान नहीं देते। मौजूदा समय में यहां पर भाजपा के विधायक थे। लोगों ने उन पर विश्वास जताया था ताकि बद्दी एक बेहतर शहर बन सके, लेकिन वे उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। बद्दी शहर में लगे कूड़े के ढेर लोगों की परेशानी का कारण बने हैं। हाल ही में नप को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये सफाई के लिए इनाम मिला है, लेकिन यहां किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता। पॉलिथीन का यहां पर धड़ल्ले से प्रयोग होता है। जिसे रोकने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।
बद्दी को मिनी भारत भी कहा जाता है और यहां पर भारत के लगभग हर प्रांत के लोग रहते हैं। जिसमें से कुछ लोगों ने अपने घर हिमुडा और निजी कॉलोनियों में खरीद लिए हैं तो कुछ किरायेदार के रूप में रहते हैं। यहां पर कार्यरत ज्यादातार प्रवासी लोगों के वोट नहीं हैं, लेकिन जो बद्दी में सालों से रह रहे हैं उनके वोट बन चुके हैं। सबसे ज्यादा करीब 12,000 वोट व्यापार जगत से ताल्लुक रखने वाले अग्रवाल समाज के हैं। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड फेस एक, दो और तीन के अलावा हिमुडा फ्लैट्स, नयना अपार्टमेंट, बसंती बाग कॉलोनी, ओमेक्स पार्कवुड अमरावती कॉलोनी में बहुत से वोटर रहते हैं।
नगर परिषद बद्दी में प्रवासी और स्थानीय लोगों के लिए चुनाव आयोग ने 8 बूथ बनाए हैं जिसमें 8,081 मतदाता हैं। यह शहरी बूथ हैं। नगर परिषद बद्दी में पिछले चार साल से भाजपा काबिज है, लेकिन फिर भी यहां पर समस्याओं का भारी अंबार रहा है। ये समस्याएं पिछले चुनाव में थी जिसका खामियाजा कांग्रेस ने भुगता था। वर्तमान में यहां पर कई समस्याएं हैं और नागरिक चाहते हैं कि उनमें सुधार हो।
इन समस्याओं का भी नहीं हुआ हल
सफाई व्यवस्था के अलावा यहां पर सीवरेज समस्या भी लंबे समय है, पूरा शहर 34 करोड़ की सीवरेज सुविधा से नहीं जुड़ पाया, कूडा निष्पादन की समस्या भी विकराल बन चुकी है, शहर में पार्किंग समस्या को लेकर दोनों सरकारों में समाधन नहीं हुआ है। पूरे बाजार में रेहड्ी फड़ी का कब्जा है। बद्दी शहर में जाम की समस्या आम हो चुकी है।
सरकार से की जाएगी कंपनी की शिकायत
बद्दी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी आरएस वर्मा का कहना है कि बद्दी में सफाई व्यवस्था का जिम्मा कंपनी को सौंपा गया है। इस कंपनी को बार-बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब इनकी शिकायत नई सरकार से की जाएगी ताकि इसका टेंडर रद्द हो सके।