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बरसात में हरी सब्जियों का भी खास ध्यान रखें किसान

Sat, 02 Jul 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 02 Jul 2016 10:08 PM IST
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The green vegitable effcted due to rain
कृषि बाहुल्य वाले जिला सोलन में मानसून सब्जियों की पैदावार को नुकसान पहुंचा सकता है। फ्रासबीन, भिंडी के अलावा फूलों की खेती को भी नुकसान हो सकता है। - फोटो : demo pic

कृषि बाहुल्य वाले जिला सोलन में मानसून सब्जियों की पैदावार को नुकसान पहुंचा सकता है।  फ्रासबीन, भिंडी के अलावा फूलों की खेती को भी नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा। इसके चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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 नौणी विवि के विस्तार शिक्षा विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके गुप्ता ने किसानों को बारिश के मौसम में खेतों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने फूलों में ग्लैडियोलस, गुलदाऊदी और गेंदे आदि फूलों की जड़ों के आसपास पानी खड़ा न होने दें। पानी की निकासी का प्रबंधन अच्छी तरह से करेें। इसके साथ लिलियम के कंदों को मिट्टी से निकालकर इन्हें 4 डिग्री सेल्सियस पर भंडारित करें।
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  गुणवत्ता के फूल पैदा करने के लिए सभी प्रकार की फसलों को खरपतवार से बचाएं। इस मौसम में पॉलीहाउस में उचित तापमान बनाना बेहद जरूरी होता है। किसान इसके लिए पॉलीहाउस में फॉगर्स का उपयोग जरूरत पड़ने पर करें तथा अधिक नमी से फसल को बचाने के लिए वेंटिलेटर या पंखों का सहारा लें। इसके साथ ही पॉलीहाउस की सफाई रखें।
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बीन बग से फ्रासबीन को बचाएं
तेज बारिश के बीच फ्रासबीन में जुलाई के प्रथम सप्ताह में बीन बग का आक्रमण संभव है। यह कीट पत्तों का रस चूस कर फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसकी रोकथाम के लिए ऑक्सीडेमेटान मिथाईल, मैटासिस्टॉक्स या डायमेथोएट का छिड़काव करना चाहिए। इसके साथ ही फ्रासबीन में फूलों पर बिलस्टकर बीटल के आक्रमण के रोकथाम के लिए साइपरमेथ्रिन का छिड़काव फायदेमंद रहता है। विवि के वैज्ञानिकों ने भिंडी में लगने वाले फल छेदक और तना छेदक किटों के नुकसान से बचने के लिए लेंबडा साइहेलोथ्रिन और रिकार्ड का छिड़काव करने की सलाह दी है।

यहां मिलेगा लाभ
विवि के वैज्ञानिकों के अनुसार निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बांस के पौधे लगाने का यह उपयुक्त समय चल रहा है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न तकनीकों से बांस लगा सकते हैं। बांस के उन्नत किस्मों के पौधे किसान विश्वविद्यालय के वृक्ष सुधर विभाग से ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान-बागवान विवि से उन्नत किस्म के देवदार और ब्यूंस के पौधे प्राप्त कर सकते हैं।


खुंब की एगेरिकस बाइटोरकिस प्रजाति लगाएं
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि जो किसान प्राकृतिक वातावरण वाले मशरूम घरों में उगाते हैं और जहां पर आजकल कमरे का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से अधिक है वहां किसान बटन खुंब की एगेरिकस बाइटोरकिस प्रजाति लगा सकते हैं। ये प्रजाति 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान पर उगाई जा सकती है। बाजार में इस प्रजाति के मशरूम की अच्छी मांग है।

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