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जोनल अस्पताल में मरीजों की जान खिलवाड़
ब्यूरो, सोलन
Updated Thu, 16 Mar 2017 09:43 PM IST
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जोनल अस्पताल सोलन में प्रबंधन की लापरवाही रोगियों पर भारी पड़ सकती है।
- फोटो : अमर उजाला
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जोनल अस्पताल सोलन में प्रबंधन की लापरवाही रोगियों पर भारी पड़ सकती है। अव्यवस्था ऐसी की 200 बिस्तर का तमगा हासिल करने वाले अस्पताल के एक बिस्तर पर दो-दो रोगियों का इलाज चल रहा है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि गायनी वार्ड के नए भवन में शिफ्ट होने से एक बेड पर दो मरीजों को रखा है। लेकिन एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों वाले हालात मेडिसन वार्ड के हैं।
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यहां गायनी का एक भी मरीज नहीं है। गायनी से संबंधित सभी मरीज नए भवन में शिफ्ट हैं। पुराने भवन के टॉप फ्लोर के वार्ड को स्टोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है कि स्पेस होने के बावजूद प्रबंधन की कमी के चलते एक बेड पर दो मरीजों का इलाज क्यों हो रहा है। ऐसे में जहां एक मरीज से दूसरे मरीज को संक्रमण का खतरा हर समय बना रहता है वहीं चिकित्सकों को भी इलाज में परेशानी होती है।
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नए भवन की लिफ्ट भी खराब
क्षेत्रीय अस्पताल में बने नए गायनी विभाग की लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी है। इसके चलते यहां आने वाले मरीजों को सीढ़ियों की मदद से ऊपर ले जाना पड़ता है। यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि अगर अस्पताल प्रबंधन लिफ्ट का रखरखाव नहीं कर सकता है तो इसे लगवाया ही क्यों?
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पुराने गायनी विभाग में बन रहा मेडिसन वार्ड : एमएस
क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने से अस्पताल के 200 बिस्तर भी कम पड़ जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अस्पताल जल्द ही पुराने भवन के टॉप फ्लोर में बने गायनी वार्ड को मेडिसन वार्ड बनाने जा रहा है। इसका कार्य भी चल रहा है। इसमें लगभग एक माह का समय लग जाएगा। कहा कि तब तक मरीजों को थोड़ी असुविधा हो सकती है।