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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Two main accused in the bloody clash case arrested from the forests of Kullu.

Solan News: खूनी संघर्ष मामले में कुल्लू के जंगलों से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Tue, 09 Jun 2026 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:15 PM IST
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शामती-राजगढ़ सड़क पर हुआ था खूनी संघर्ष
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अब तक 6 गिरफ्तारियां, मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पुलिस को कर रहे थे गुमराह
शूलिनी विश्वविद्यालय से मिले सुराग ने खोला कुल्लू के जंगलों तक पहुंचने का रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शामती-राजगढ़ मार्ग पर काली माता मंदिर के पास दो वाहनों की टक्कर के बाद हुए खूनी संघर्ष के मामले में सोलन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 90 घंटे तक अभियान चलाकर फरार दो मुख्य आरोपियों को कुल्लू जिले के पुलगा गांव के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। इस चर्चित मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अनिरुद्ध अत्री उर्फ वासु (23), निवासी जिला मंडी और सह-आरोपी अभय शर्मा उर्फ अभी (19), निवासी जिला बिलासपुर (दोनों हाल निवासी गांव टटूल, सोलन) अपने अध्ययन स्थल शूलिनी विश्वविद्यालय पहुंचे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों उसी शाम मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए।
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एसपी टीएस वर्मा ने बताया कि आरोपियों ने पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और न ही किसी सोशल मीडिया या बैंकिंग लेन-देन का सहारा लिया। इसके चलते पुलिस के लिए उन्हें ढूंढना चुनौतीपूर्ण हो गया था। दो जून को सदर थाना सोलन की विशेष टीम ने दोनों फरार आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान शुरू किया। सोलन शहर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। पहला सुराग शूलिनी विश्वविद्यालय से मिला, जहां से सूचना मिली कि आरोपी नाहन-पांवटा साहिब की ओर भागे हैं। इसके बाद पुलिस पांवटा साहिब पहुंची और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई।
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पांवटा साहिब में मिले सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपी कुल्लू जिले के कसोल की ओर निकल चुके हैं। वहां पहुंचकर तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय पूछताछ के आधार पर पुलिस को पता चला कि दोनों पुलगा गांव के घने जंगलों में छिपे हुए हैं। पांच जून की रात पुलिस टीम ने मानव स्रोतों और तकनीकी सूचनाओं के समन्वय से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि शामती-राजगढ़ मार्ग पर स्थित काली माता मंदिर के पास दो वाहनों के बीच मामूली टक्कर हुई थी। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि आरोपी पक्ष ने खुंडीधार में शिकायतकर्ता पक्ष को घेर लिया और बाद में शूलिनी माता मंदिर के समीप लोहे की रॉड और गंडासे से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से एक व्यक्ति को सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चिराग वर्मा को पहले ही तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। इसके बाद अब पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच जारी है।
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