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Solan News: मस्कुलर डिस्ट्रॉफी को लेकर की विशेषज्ञों ने की चर्चा
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मस्कुलर डिस्ट्रॉफी को लेकर आयोजित कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ और अन्य। संवाद
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आईएएमडी को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। इंडियन एसोसिएशन ऑफ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और शूलिनी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में जटोली के पास कोठों में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी कॉन्क्लेव-2024 का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 23 डॉक्टर मौजूद रहे। दो दिन तक चले इस कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों ने आनुवंशिक प्रगति, भारत में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए उभरती चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कॉन्क्लेव में सभी विशेषज्ञों ने बहुमूल्य दृष्टिकोण साझा किए, जिनसे भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा हुई। आईएएमडी के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतने बड़े स्तर पर यह कॉन्क्लेव आयोजित की गई। इससे मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। यहां हुई चर्चाएं भविषय में सार्थक परिणाम लाएंगे। इसमें खासतौर पर डॉ. आलोक भट्टाचार्य, डॉ. गिरिराज चांडक, डॉ. वेंकटरमन विश्वनाथन, डॉ. रघु पद्निजत, डॉ. यशोधरा भट्टाचार्य, डॉ. योगेश पारीख, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. समीर भाटिया, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. रीनू सुथार, डॉ. रितु श्री, डॉ. सुबोध, डॉ. भवनीत भारती, डॉ. रंजीत पाल सिंह भोगल, डॉ. रघु पद्निजत, डॉ. नरेंद्र चिरमुले, डॉ. प्रीतांशु माथुर, डॉ. राधिका धमेजा, डॉ. सिद्धार्थ शाह ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान आईएएमडी की मुख्य संरक्षक उर्मिला बाल्दी, अध्यक्ष संजना गोयल और महासचिव विपुल गोयल ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। इंडियन एसोसिएशन ऑफ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और शूलिनी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में जटोली के पास कोठों में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी कॉन्क्लेव-2024 का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 23 डॉक्टर मौजूद रहे। दो दिन तक चले इस कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों ने आनुवंशिक प्रगति, भारत में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए उभरती चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कॉन्क्लेव में सभी विशेषज्ञों ने बहुमूल्य दृष्टिकोण साझा किए, जिनसे भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा हुई। आईएएमडी के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतने बड़े स्तर पर यह कॉन्क्लेव आयोजित की गई। इससे मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। यहां हुई चर्चाएं भविषय में सार्थक परिणाम लाएंगे। इसमें खासतौर पर डॉ. आलोक भट्टाचार्य, डॉ. गिरिराज चांडक, डॉ. वेंकटरमन विश्वनाथन, डॉ. रघु पद्निजत, डॉ. यशोधरा भट्टाचार्य, डॉ. योगेश पारीख, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. समीर भाटिया, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. रीनू सुथार, डॉ. रितु श्री, डॉ. सुबोध, डॉ. भवनीत भारती, डॉ. रंजीत पाल सिंह भोगल, डॉ. रघु पद्निजत, डॉ. नरेंद्र चिरमुले, डॉ. प्रीतांशु माथुर, डॉ. राधिका धमेजा, डॉ. सिद्धार्थ शाह ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान आईएएमडी की मुख्य संरक्षक उर्मिला बाल्दी, अध्यक्ष संजना गोयल और महासचिव विपुल गोयल ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।