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Solan News: प्रशिक्षुओं को दी कालगणना, पंचांग व नक्षत्र की जानकारी
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अर्की के बथालंग में चल रहा है पौरोहित्य एवं कर्मकांड शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। हिमाचल संस्कृत अकादमी ने बथालंग मंदिर परिसर में पौरोहित्य एवं कर्मकांड शिविर के दूसरे दिन प्रशिक्षुओं को कई जानकारियां दी। आयोजक कमलकांत गौतम ने बताया कि प्रारंभिक सत्र में संध्या विधि का प्रायोगिक किया गया। पंचदेव पूजन एवं नवग्रह पूजन पद्धति का ज्ञान आचार्य ललित ने दिया। इसके उपरांत राजकीय संस्कृत महाविद्यालय तुंगेश जिला शिमला के प्राचार्य एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेश शर्मा ने कालगणना एवं पंचांग विचार को समझाया। भोजन के उपरांत उन्होंने कुंडली विश्लेषण एवं फलित प्रक्रिया की जानकारी साझा की। इस दौरान डॉ. रमेश शर्मा ने प्रशिक्षुओं के प्रश्नों का भी समाधान किया। इससे पूर्व डॉ. रमेश शर्मा और आचार्य जगतप्रसाद शास्त्री को अकादमी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अंतिम सत्र में आचार्य जगतप्रसाद शास्त्री ने पुरोहितों के आचार व्यवहार एवं दैनिक क्रिया कलाप के विषय में अनेक पौराणिक सिद्धांतों सहित समझाया। गौतम बताया कि अंतिम दिन प्रातः कुशकंडिका का प्रायोगिक पक्ष समझाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। हिमाचल संस्कृत अकादमी ने बथालंग मंदिर परिसर में पौरोहित्य एवं कर्मकांड शिविर के दूसरे दिन प्रशिक्षुओं को कई जानकारियां दी। आयोजक कमलकांत गौतम ने बताया कि प्रारंभिक सत्र में संध्या विधि का प्रायोगिक किया गया। पंचदेव पूजन एवं नवग्रह पूजन पद्धति का ज्ञान आचार्य ललित ने दिया। इसके उपरांत राजकीय संस्कृत महाविद्यालय तुंगेश जिला शिमला के प्राचार्य एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेश शर्मा ने कालगणना एवं पंचांग विचार को समझाया। भोजन के उपरांत उन्होंने कुंडली विश्लेषण एवं फलित प्रक्रिया की जानकारी साझा की। इस दौरान डॉ. रमेश शर्मा ने प्रशिक्षुओं के प्रश्नों का भी समाधान किया। इससे पूर्व डॉ. रमेश शर्मा और आचार्य जगतप्रसाद शास्त्री को अकादमी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अंतिम सत्र में आचार्य जगतप्रसाद शास्त्री ने पुरोहितों के आचार व्यवहार एवं दैनिक क्रिया कलाप के विषय में अनेक पौराणिक सिद्धांतों सहित समझाया। गौतम बताया कि अंतिम दिन प्रातः कुशकंडिका का प्रायोगिक पक्ष समझाया जाएगा।
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