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Bilaspur News: फोरलेन शुरू होने के बाद घुमारवीं शहर में बढ़ा यातायात का दवाब
Wed, 11 Oct 2023 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 11 Oct 2023 11:28 PM IST
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- अब घुमारवीं से होकर गुजर रहे हमीरपुर से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन
-आए दिन बन रही जाम की स्थिति, लोग हो रहे परेशान
- लोगों ने की बाईपास योजना के काम में तेजी लाने की मांग
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन शुरू होने के बाद घुमारवीं शहर से गुजरने वाले शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी यातायात बढ़ गया है। इससे शहर में रोज जाम की स्थिति पैदा हो रही है। वाहन चालक अब यहां से बाईपास की जरूरत महसूस करने लगे हैं। हालांकि प्रस्तावित शिमला-मटौर फोरलेन में बाइपास बनाने की योजना है, लेकिन यह योजना अभी सर्वे होने से ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाई है।
वक्त, हालात और भारी यातायात के दवाब के चलते लोग अब बाईपास की मांग करने लगे हैं। इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण नेरचौक-किरतपुर फोरलेन का शुरू होना भी है। क्योंकि इस फोरलेन के शुरू होने के कारण घुमारवीं शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि हमीरपुर से धर्मशाला तक से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन अब घुमारवीं से होकर फोरलेन पर जा रहे हैं। शहर से गुजरने वाले हर 10 वाहनों में से करीब सात वाहन बाहरी जिलों और साथ लगते प्रदेशों के होते हैं। यही कारण है कि अब घुमारवीं में यातायात पहले की अपेक्षा करीब दस गुना बढ़ चुका है। इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा नुकसान स्थानीय दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है।
बढ़ते ट्रैफिक की वजह से दुकानदारों का काम धंधा ठप होता जा रहा है। साथ ही हर आदमी परेशान है। शहर की मुख्य सड़क पर रोजाना लगने वाली जाम की समस्या के कारण स्थानीय वाहनों का चलना मुश्किल होता जा रहा है। सुबह-शाम लगने वाले जाम का असर इतना अधिक है कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी अक्सर आधा घंटा स्कूल देरी से पहुंचने लगे हैं। इस बढ़ते यातायात की वजह से शहर में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। यातायात का दवाब सबसे ज्यादा वीकेंड पर देखने को मिलता है। इस समय यातायात इतना बढ़ जाता है कि शहर में घंटो जाम लगा रहता है। पूरा दिन गाड़ियां रेंगती हुई नजर आती हैं। संवाद
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कोट्
शिमला-मटौर फोरलेन सर्वे के तहत घुमारवीं में बाईपास का प्रावधान रखा गया है, जिसका सर्वे हो चुका है और उसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जा सकेगी।
विक्रम मीणा, परियोजना निदेशक, परियोजना कार्यान्वयन इकाई हमीरपुर
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-आए दिन बन रही जाम की स्थिति, लोग हो रहे परेशान
- लोगों ने की बाईपास योजना के काम में तेजी लाने की मांग
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन शुरू होने के बाद घुमारवीं शहर से गुजरने वाले शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी यातायात बढ़ गया है। इससे शहर में रोज जाम की स्थिति पैदा हो रही है। वाहन चालक अब यहां से बाईपास की जरूरत महसूस करने लगे हैं। हालांकि प्रस्तावित शिमला-मटौर फोरलेन में बाइपास बनाने की योजना है, लेकिन यह योजना अभी सर्वे होने से ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाई है।
वक्त, हालात और भारी यातायात के दवाब के चलते लोग अब बाईपास की मांग करने लगे हैं। इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण नेरचौक-किरतपुर फोरलेन का शुरू होना भी है। क्योंकि इस फोरलेन के शुरू होने के कारण घुमारवीं शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि हमीरपुर से धर्मशाला तक से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन अब घुमारवीं से होकर फोरलेन पर जा रहे हैं। शहर से गुजरने वाले हर 10 वाहनों में से करीब सात वाहन बाहरी जिलों और साथ लगते प्रदेशों के होते हैं। यही कारण है कि अब घुमारवीं में यातायात पहले की अपेक्षा करीब दस गुना बढ़ चुका है। इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा नुकसान स्थानीय दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है।
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बढ़ते ट्रैफिक की वजह से दुकानदारों का काम धंधा ठप होता जा रहा है। साथ ही हर आदमी परेशान है। शहर की मुख्य सड़क पर रोजाना लगने वाली जाम की समस्या के कारण स्थानीय वाहनों का चलना मुश्किल होता जा रहा है। सुबह-शाम लगने वाले जाम का असर इतना अधिक है कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी अक्सर आधा घंटा स्कूल देरी से पहुंचने लगे हैं। इस बढ़ते यातायात की वजह से शहर में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। यातायात का दवाब सबसे ज्यादा वीकेंड पर देखने को मिलता है। इस समय यातायात इतना बढ़ जाता है कि शहर में घंटो जाम लगा रहता है। पूरा दिन गाड़ियां रेंगती हुई नजर आती हैं। संवाद
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शिमला-मटौर फोरलेन सर्वे के तहत घुमारवीं में बाईपास का प्रावधान रखा गया है, जिसका सर्वे हो चुका है और उसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जा सकेगी।
विक्रम मीणा, परियोजना निदेशक, परियोजना कार्यान्वयन इकाई हमीरपुर