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अंबुजा गेट पर सुरक्षा कर्मियों और श्रमिकों में धक्कामुक्की
ब्यूरो, सोलन
Updated Tue, 24 Jan 2017 09:27 PM IST
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दाड़लाघाट में जबरन गिरफ्तारी देते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
सीमेंट उद्योग से निष्कासित मजदूरों की बहाली की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को कंपनी के मुख्य गेट पर जमकर हंगामा किया। सुबह कार्यालय लगते ही एकत्र भीड़ ने उद्योग प्रबंधन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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हड़ताली मजदूर और समर्थक अचानक कंपनी के गेट में घुसने की कोशिश करने लगे। सिक्योरिटी कर्मियों और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो धक्कामुक्की शुरू हो गई। जबरन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर धकेला। आरोप है कि यूनियन के नेता जबरन गिरफ्तारियां देने पर उतारू हो गए। जब पुलिस ने गिरफ्तारी लेने से मना कर दिया तो बाहर खड़ी पुलिस की बस में प्रदर्शनकारी जबरन चढ़ गए और गिरफ्तारी की मांग करने लगा।
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माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। लेकिन माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस दौरान किसी काम के सिलसिले में डीसी सोलन भी आए थे। प्रदर्शन को देखकर वह भी वहां रुक गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन पर प्रबंधन के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
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यह है मामला
आरोप है कि करीब 80 मजदूरों को नौकरी से निष्कासित कर दिया है। यह श्रमिक ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे। 60 दिन से प्रभावित मजदूर और संबंधित यूनियनें बहाली या निकाले गए मजदूरों को उचित मुआवजा देने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। यह मामला बढ़ता जा रहा है। कई अन्य यूनियनें भी इस आंदोलन में कूद गई हैं।
प्रशासन ने भी नहीं सुनी बात : लच्छीराम
सीमेंट उद्योग यूनियन के प्रधान लच्छीराम ने आरोप लगाया कि शर्म की बात है कि जब मजदूर अपनी गिरफ्तारी दे रहे थे तो उस समय जिला प्रशासन भी वहां मौजूद रहा। उन्हें न तो गिरफ्तार किया गया न ही मजदूरों की पीड़ा को समझा। उनके साथ बातचीत करना भी उचित नहीं समझा। सीटू प्रधान प्रेम चंदेल ने कहा कि न तो कंपनी के प्रबंधक और न ही हिमाचल सरकार तथा इसके प्रशासनिक अधिकारी उनकी मांगों पर गौर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग चला रहा था लेकिन अब यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।
एनएच होगा बंद, प्लांट में नहीं करेंगे काम
मजदूर यूनियन के नेताओं ने कहा कि अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग शिमला-कांगड़ा को बंद किया जाएगा। 8 फरवरी से 10 फरवरी तक सीमेंट प्लांट को पूर्णतया बंद करने के लिए सभी मजदूरों से बातचीत हो चुकी है। 3 दिन तक यह प्लांट पूर्ण रूप से बंद रहेगा। उन दिनों में इस प्लांट में कोई भी काम नहीं करेगा। मंगलवार को प्रदर्शन में किसान सभा के रामकृष्ण शर्मा, सचिव विजयेंद्र और जिला उपसचिव एनडी रनोट आदि मौजूद रहे।
जबरन गिरफ्तारियां देने पर थे उतारू : डीएसपी
डीएसपी दाड़लाघाट नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि कुछ मजदूर यूनियन के नेता जबरन गिरफ्तारियां देने पर उतारू थे। लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों ने सीमेंट उद्योग के गेट के भीतर घुसने की कोशिश की। लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम की गई है। स्थिति पुलिस के काबू में है। सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है।