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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The story of Nalakubar and Manigreeva's liberation from the curse in the Bhagavata Katha

Solan News: भागवत कथा में नलकुबेर और मणिग्रीव के श्राप मुक्ति का प्रसंग

Sat, 04 Apr 2026 12:31 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:31 AM IST
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The story of Nalakubar and Manigreeva's liberation from the curse in the Bhagavata Katha
बसोट में कथा का रसास्वादन करते हुए श्रोता स्रोत: संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। बड़ा बसोट नालागढ़ में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भगवान दास शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने नलकुबेर और मणिग्रीव के श्राप मुक्ति का प्रसंग सुनाया। कथा के अनुसार, कंस के कारागार में देवकी व वसुदेव को रहना पड़ा और छह बच्चे मर गए, यह उनके पूर्व जन्म का कर्म था। भगवान कृष्ण के जन्म से ही ये कर्म समाप्त हुए। कृष्ण ने छह दिन की आयु में पूतना का उद्धार किया, 27 दिन की अवस्था में शकटासुर और 108 दिन की अवस्था में तृणावर्त का वध किया। कथा में बताया गया कि माता यशोदा को माखन चोरी की शिकायतें मिलने पर कृष्ण को उखल से बांधा। इसी क्रम में कृष्ण ने उखल से घिसटते हुए पुराने दो पेड़ों के बीच से गुजरे, जिससे नारद मुनि के श्राप से वृक्ष योनि में आए नलकुबेर और मणिग्रीव यक्षों के असली रूप में आकर कृष्ण से क्षमा मांगकर अपने लोक चले गए। कथा के अंत में यजमान प्रकाश सैनी और उनके परिजनों ने भगवान की आरती की। उन्होंने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 5 अप्रैल को होगी और भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
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